नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के कामकाज और उसके नीतिगत फैसलों को लेकर अहम निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि BCI को किसी भी नीतिगत निर्णय पर आगे बढ़ने से पहले अटॉर्नी जनरल (AG) और सॉलिसिटर जनरल (SG) को सक्रिय रूप से शामिल करना होगा और उनकी सलाह लेनी होगी।चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं। पीठ BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के लंबे कार्यकाल की वैधता को चुनौती देने और उन्हें पद से हटाने की मांग से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।
राज्य बार काउंसिल में दो महिला सदस्यों का सह-विकल्प
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य बार काउंसिलों (SBCs) की संरचना को लेकर भी निर्देश जारी किए। पीठ ने संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से दो सप्ताह के भीतर राज्य बार काउंसिलों में दो महिला सदस्यों के सह-विकल्प (Co-option) की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सह-विकल्प की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित राज्य बार काउंसिलों को एक सप्ताह के भीतर अपनी नई संरचना की जानकारी देनी होगी।
नई बार काउंसिल को पदाधिकारियों का चुनाव करना होगा
पीठ ने कहा कि नई संरचना अधिसूचित होने के बाद राज्य बार काउंसिलों को अपने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों का चुनाव करना होगा। इसके साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया के लिए अपने प्रतिनिधि का भी चुनाव करना होगा।कोर्ट ने नई गठित राज्य बार काउंसिलों को अपनी संरचना की अधिसूचना जारी होने के बाद निर्धारित समय सीमा में इन चुनावों को पूरा करने का निर्देश दिया है।
सभी राज्य बार काउंसिलों से मांगी अनुपालन रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य बार काउंसिलों को दिए गए निर्देशों पर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। इन रिपोर्टों के मिलने के बाद कोर्ट एडवोकेट्स एक्ट, 1961 की धारा 4 के तहत बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पुनर्गठन से जुड़े मुद्दे पर आगे विचार करेगी।पीठ ने BCI के नीतिगत फैसलों को लेकर स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी निर्णय से पहले अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को सक्रिय रूप से प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। कोर्ट के इस निर्देश को BCI के नीतिगत कामकाज में कानूनी सलाह और निगरानी को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
17 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों की अगली सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की है। उस दिन कोर्ट यह देखेगा कि राज्य बार काउंसिलों में महिला सदस्यों के सह-विकल्प और नई संरचना की अधिसूचना को लेकर दिए गए निर्देशों का कितना पालन हुआ है।इसके साथ ही राज्य बार काउंसिलों के पुनर्गठन और एडवोकेट्स एक्ट की धारा 4 के तहत BCI की नई संरचना से जुड़े मुद्दों पर भी आगे सुनवाई की जाएगी।

