बालाघाट: बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों की मौत के बाद चिंता का माहौल है। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रभावित गांवों के हालात की जानकारी लेने पहुंचे। उन्होंने लांजी के बाद कोरका और बोंदारी गांव का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर बच्चों की मौत, स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण आहार की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मृत बच्चों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
बच्चों की मौत के बाद गांवों में पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने बोंदारी में ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों की मौत से जुड़े हालात और गांव में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों से पोषण आहार की स्थिति की भी जानकारी ली गई।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को वनाधिकार पट्टों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आदिवासी परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही न हो।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों और परिवारों के स्वास्थ्य को लेकर सरकार गंभीर है। उन्होंने ग्रामीणों से पोषण आहार के नियमित उपयोग, चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
उन्होंने अधिकारियों को गांवों में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा पोषण से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।
बैगा परिवारों की आजीविका बढ़ाने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी परिवारों को वनाधिकार के साथ पशुपालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर परिवारों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा के साथ विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का प्रयास है कि इन गांवों को सड़क, बिजली, पेयजल, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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बालाघाट में 225 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सर्वांगीण विकास के लिए 225 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। इन कार्यों के तहत सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, कृषि और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन और वन आधारित आजीविका जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
आदिवासी बहनों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान आदिवासी महिलाओं ने उन्हें राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि बालाघाट अब नक्सलवाद को पीछे छोड़कर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में स्थायी शांति के साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देना है।
ये भी रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, सांसद भारती पारधी, विधायक संजय उइके, गौरव सिंह पारधी, राजकुमार कर्राहे, मधु भगत और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

