बालाघाट। शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम बालाघाट गोपाल सोनी ने तहसील लामता में पदस्थ पटवारी संजय चतुर्वेदी को कर्तव्यों को समय पर निष्पादित करने में विफल रहने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बालाघाट नियत किया गया है।
शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर उदासीनता और लापरवाही सामने आने पर बालाघाट एसडीएम गोपाल सोनी ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तहसील लामता अंतर्गत पटवारी हल्का नंबर 01 पादरीगंज में पदस्थ तथा हल्का नंबर 02 एवं 03 का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे पटवारी संजय चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
लामता अनुविभाग एसडीएम द्वारा जारी आदेश के अनुसार पटवारी चतुर्वेदी ने बी-1 वाचन के दौरान फौत व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया। इसके अलावा नक्शा बटांकन, फार्मर रजिस्ट्री, फसल क्षति पत्रक, एफआर बकेट क्लेम्ड-अनक्लेम्ड, एफआर आईडी वेरिफिकेशन, नक्शा तरमीम, खसरे से आधार लिंकिंग जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्य भी लंबित पाए गए।
इतना ही नहीं, पीएम किसान योजना से जुड़े प्रकरण, आधार सीडिंग, भू-राजस्व एवं अन्य मदों की वसूली, सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का निराकरण, समाधान एक दिवस, वारिसाना नामांतरण प्रकरण तथा स्वामित्व योजना से संबंधित कार्यों को भी समय पर पूरा नहीं किया गया। इन कार्यों में लगातार देरी के चलते आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
तहसीलदार लामता एवं राजस्व निरीक्षक चांगोटोला द्वारा संबंधित पटवारी को कई बार मौखिक एवं लिखित निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन नहीं किया गया। प्रशासन ने इसे शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई को आवश्यक माना।
एसडीएम गोपाल सोनी ने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं एवं राजस्व संबंधी कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है। इसी के तहत पटवारी संजय चतुर्वेदी को निलंबित करते हुए आगे की विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
शासकीय कार्यों में लापरवाही, पटवारी निलंबित


