नई दिल्ली: पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है। इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय हाई-पावर्ड टास्क फोर्स ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। छात्र, अभिभावक, शिक्षक, शैक्षणिक संस्थान और नागरिक संगठन भी अपनी राय दे सकते हैं।
NTA की परीक्षाओं से लेकर तकनीक तक पर होगा मंथन
केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के मुताबिक, टास्क फोर्स का फोकस राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं के संचालन, परीक्षा सुरक्षा, डिजाइन और पूरी व्यवस्था में सुधार पर है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी, निष्पक्ष और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।
टास्क फोर्स परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के उपायों, संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने, तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और छात्रों को होने वाली परेशानियां कम करने जैसे मुद्दों पर लोगों की राय ले रही है।
13 सितंबर तक भेज सकेंगे सुझाव
लोग अपने सुझाव 13 सितंबर तक भेज सकते हैं। सुझाव हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में दिए जा सकते हैं। सरकार ने इसके लिए वेबसाइट, फोन, वॉट्सऐप और ईमेल के जरिए राय देने की सुविधा उपलब्ध कराई है।
सुझाव examreforms-taskforce.dopt.gov.in पर भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा 1800-180-4747 पर फोन करके या 7827042830 नंबर पर वॉट्सऐप के जरिए ‘hptf’ लिखकर भी सुझाव दिए जा सकते हैं।
लोगों से मिले सुझावों के आधार पर टास्क फोर्स परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगी।
जुलाई में हुआ था टास्क फोर्स का गठन
केंद्र सरकार ने जुलाई में नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में इस टास्क फोर्स का गठन किया था। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर उसे अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।
टास्क फोर्स में नीलेकणि के अलावा पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो निदेशक तपन डेका, पूर्व इसरो चेयरमैन एस. सोमनाथ, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं।
टास्क फोर्स से उम्मीद है कि उसके सुझावों के आधार पर परीक्षा प्रणाली में ऐसे बदलाव किए जाएंगे, जिससे पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके।

