पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने वाले एक पोस्ट के बाद राज्य में सियसी पारा चरम पर पहुंच गया। जनतादल यूनाइटेड के कार्यकताओं ने पटना में जोरदार पर्दशन किया। मुख्यमंत्री आवास पर राज्य भर से जुटे कार्यकर्ताओं की मांग है कि नीतीश बाबू मुख्यमंत्री पद न छोड़े यदि वे ऐसा करते हैं तो इससे कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत होंगी। इधर राज्यसभा में नामाकंन का आखरी दिन है। ऐसे में राज्य की राजनीति पूरे सबाब पर दिखाई दे रही है। वहीं लल्लन सिंह के निवास पर भी सैकड़ों कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है।
मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश कर रहे मंत्री सुरेंद्र मेहता पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्टी नेता राजीव रंजन पटेल ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी स्थिति में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने नहीं देंगे। उन्होंने दावा किया कि यदि नेतृत्व परिवर्तन की कोई योजना है तो पहले जनता और कार्यकर्ताओं से राय ली जानी चाहिए।
पटेल ने यह भी कहा कि यदि पार्टी को नया नेतृत्व चाहिए तो विधानसभा चुनाव कराए जाएं और जनता से नया जनादेश लिया जाए। उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार के नाम पर मेहनत कर बहुमत दिलाया है, इसलिए बीच कार्यकाल में बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि यदि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है तो कार्यकर्ताओं को उनके फैसले का सम्मान करना चाहिए। हालांकि उन्होंने भी माना कि प्रदेश की जनता चाहती है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर बने रहें। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है और आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है।
पटना में सियासी हलचल तेज, नीतीश के नामांकन से पहले जेडीयू कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन, किया मंत्री पर हमला


