राजस्थान। चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा का बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। बता दें साध्वी को गंभीर हालत में जोधपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित करने की मांग की है। मौत के बाद साध्वी प्रेम बाईसा के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक भावुक पोस्ट सामने आया है, जिसे उनका सुसाइड नोट भी बताया जा रहा है। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि यह पोस्ट साध्वी की मौत के कई घंटे बाद अपलोड किया गया, जिससे अकाउंट हैक होने या किसी साजिश की आशंका भी जताई जा रही है।
कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा?
जानकारी अनुसार साध्वी प्रेम बाईसा पश्चिमी राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में कथा वाचन और भजन गायन के लिए जानी जाती थीं। वे महंत वीरमनाथ की शिष्या थीं और अपने गुरु के साथ आश्रम में रहकर धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी हुई थीं। उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते थे, खासकर बाड़मेर, जोधपुर और आसपास के इलाकों में। साध्वी अपने प्रवचनों में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और आध्यात्मिक जीवन पर जोर देती थीं। धार्मिक जगत में उनकी पहचान एक बाल साध्वी और समर्पित संत के रूप में थी।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ था विवाद
सूत्रों के अनुसार जुलाई 2025 में सोशल मीडिया पर साध्वी प्रेम बाईसा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे एक व्यक्ति से गले मिलती नजर आई थीं। इस वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे किए गए और इसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। हालांकि साध्वी ने बाद में स्पष्ट किया था कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति उनके पिता और गुरु महंत वीरमनाथ ही हैं। उन्होंने कहा था कि यह वीडियो एडिट किया गया है और इसका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना है। इस मामले में साध्वी ने जोधपुर के बोरानाडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि वीडियो वायरल करने से पहले उनसे 20 लाख रुपये की मांग की गई थी और पैसे नहीं देने पर वीडियो को सार्वजनिक कर दिया गया।
मौत की वजह बना मानसिक तनाव?
वहीं परिजनों और समर्थकों का कहना है कि वायरल वीडियो और लगातार हो रहे सोशल मीडिया ट्रोलिंग के कारण साध्वी गहरे मानसिक तनाव में थीं। साथ ही उन्होंने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए देश के प्रमुख संतों और जगतगुरु शंकराचार्य को पत्र लिखकर अग्नि परीक्षा देने तक की बात कही थी। मौत के कुछ घंटे पहले तक वे कथा वाचन कर रही थीं। इसके बाद अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।
इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या लिखा?
साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया- “मैंने जीवन का हर क्षण सनातन धर्म के प्रचार के लिए जिया। मेरे लिए सनातन से बड़ा कोई धर्म नहीं है। अंतिम सांस तक मेरे हृदय में सनातन ही रहेगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि ईश्वर और पूज्य संत महात्मा मुझे न्याय जरूर दिलाएंगे, चाहे वह मेरे जीवन में मिले या मेरे जाने के बाद”।

जांच की मांग तेज
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर संत समाज और उनके समर्थकों में गहरा आक्रोश है। कई संगठनों ने इसे संदिग्ध बताते हुए स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।


