भोपाल। अदालत के समक्ष ऐसा विचित्र धोखाधड़ी प्रकरण सामने आया, जिसमें मृत व्यक्तियों को जमानतदार बताकर आरोपियों की रिहाई कराई गई। न्यायालय ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू की।
भोपाल में जिला अदालत ने उस चौंकाने वाली धोखाधड़ी पर सख्त रुख अपनाया है, जिसमें मृत व्यक्तियों को जमानतदार बताकर 14 ईरानियों को जमानत दिलाई गई थी। मामले के उजागर होने पर अदालत ने संबंधित वकील, नोटरीकर्ता और फर्जी जमानतदारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद निशातपुरा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज निर्माण और न्यायालय को भ्रमित करने की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।
गौरतलब है कि 27-28 दिसंबर की रात पुलिस ने ईरानी डेरे से 32 वारंटी आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 5-6 जनवरी के बीच 14 व्यक्तियों को जमानत मिल गई थी। लेकिन जांच में सामने आया कि जिन जमानतदारों के आधार पर रिहाई हुई, वे लोग कई वर्ष पहले ही मृत्यु को प्राप्त हो चुके थे। इस खुलासे के चलते अदालत ने सभी 14 ईरानी आरोपियों की जमानत तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि न्यायिक प्रक्रिया को गुमराह करने का यह गंभीर प्रयास है और आरोपी पक्ष पर कठोर कार्रवाई अनिवार्य है। यह मामला न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता को चुनौती देने वाला बताया जा रहा है।
मृतकों को बनाया जमानतदार, जिला अदालत सख्त


