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रणजी ट्रॉफी: मिजोरम के चिन्मय सुतार ने जड़े नाबाद 400 रन, 78 साल बाद भारतीय बल्लेबाज ने किया कारनामा

दीमापुर: रणजी ट्रॉफी 2026-27 में मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नगालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। दीमापुर में खेले जा रहे मुकाबले में 29 वर्षीय चिन्मय ने 517 गेंदों का सामना करते हुए 46 चौके और सात छक्के लगाए। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 400 रन बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले 1948 में महाराष्ट्र के बाबासाहेब निंबालकर ने काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे।

चिन्मय ने रणजी ट्रॉफी में पृथ्वी शॉ के 379 रन के व्यक्तिगत रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उनकी पारी की बदौलत मिजोरम ने नौ विकेट पर 581 रन बनाकर पारी घोषित की।

आखिरी विकेट के लिए 189 रन की साझेदारी

मिजोरम की शुरुआत खराब रही। साहिल रेजा चार रन बनाकर आउट हुए, जबकि लालरुआइजेला ने 31 और मनेंद्र सिंह ने 27 रन बनाए। जोसेफ ललथनखुमा केवल एक रन बना सके।

तीसरे नंबर पर उतरे चिन्मय ने विकेटकीपर जेहु एंडरसन के साथ 168 रन की साझेदारी की। एंडरसन ने 151 गेंदों पर 69 रन बनाए। इसके बाद नगालैंड के गेंदबाजों ने वापसी की और मिजोरम का स्कोर 314 रन पर चार विकेट से 392 रन पर नौ विकेट कर दिया।

इसके बाद चिन्मय ने आखिरी बल्लेबाज लालरेमपुइया छकछुआक के साथ दसवें विकेट के लिए नाबाद 189 रन जोड़े। छकछुआक ने 76 गेंदों पर 14 रन बनाए। इसी साझेदारी के दौरान चिन्मय ने 400 रन पूरे किए।

दूसरे प्रथम श्रेणी मैच में ऐतिहासिक पारी

चिन्मय ने अपने दूसरे प्रथम श्रेणी मैच में यह उपलब्धि हासिल की। 2026-27 सत्र से पहले उन्होंने मुंबई क्रिकेट संघ से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर मिजोरम की टीम जॉइन की थी। मिजोरम के लिए पदार्पण मैच में उन्होंने मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 35 और दूसरी में 99 रन बनाए थे।

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निंबालकर विश्व रिकॉर्ड से चूके थे

दिसंबर 1948 में बाबासाहेब निंबालकर ने 443 रन की नाबाद पारी खेली थी। वह डॉन ब्रैडमैन के 452 रन के तत्कालीन प्रथम श्रेणी विश्व रिकॉर्ड से नौ रन दूर थे। काठियावाड़ की टीम के मैदान पर वापस नहीं लौटने के कारण उन्हें रिकॉर्ड तोड़ने का मौका नहीं मिला। चिन्मय की पारी ने 78 साल बाद इस ऐतिहासिक उपलब्धि की याद ताजा कर दी है।

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