टोक्यो। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों जापान के आधिकारिक दौरे पर हैं। निवेश और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से हो रही इस यात्रा के बीच एक खास बात चर्चा में है- मुख्यमंत्री विदेश में भी अपने खान-पान के नियमों से कोई समझौता नहीं करेंगे।
जापान में रहेगा सात्विक मेनू
जानकारी अनुसार, मुख्यमंत्री के लिए टोक्यो में विशेष रूप से शुद्ध शाकाहारी और बिना प्याज-लहसुन वाला भोजन तैयार किया जा रहा है। उनके नाश्ते में पारंपरिक जापानी मिसो सूप, टोफू (सोया पनीर), उबली हुई सब्जियां और सोया दूध शामिल रहेगा। सुबह की शुरुआत हर्बल चाय या गर्म पानी से होगी। जापानी शेफ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि- भोजन पूरी तरह सात्विक हो और भारतीय स्वाद एवं आहार परंपरा का ध्यान रखा जाए। टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास ने मुख्यमंत्री की पसंद और खान-पान की आदतों को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की है।
टोक्यो में गर्मजोशी से स्वागत
बता दें राजधानी टोक्यो पहुंचने पर मुख्यमंत्री का औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान यामानाशी प्रीफेक्चर के वाइस गवर्नर जुनिची इशिडेरा और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि मौजूद रहे। जापान में भारत की राजदूत नगमा एम. मलिक ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
निवेश और रणनीतिक साझेदारी पर फोकस
सूत्रों अनुसार, यह योगी आदित्यनाथ की जापान की पहली आधिकारिक यात्रा है। इससे पहले सिंगापुर दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए थे। अधिकारियों के मुताबिक, जापान यात्रा का लक्ष्य तकनीकी सहयोग, औद्योगिक विकास और उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।


