उज्जैन/तराना। तराना तहसील में गुरुवार शाम भड़के उपद्रव के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आती दिखाई दे रही है। पुलिस और प्रशासन की सख्ती के चलते शहर में शांति बहाल हो रही है। शनिवार सुबह से मुख्य बाजारों के साथ-साथ गली-मोहल्लों की दुकानें खुलने लगी हैं और सामान्य गतिविधियां दोबारा शुरू हो गई हैं।
क्या था पूरा विवाद, कैसे भड़का तनाव?
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम तराना में दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते-देखते हिंसक झड़प में बदल गया। हालात इस कदर बिगड़े कि कुछ इलाकों में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। उपद्रवियों ने सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को निशाना बनाया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
हिंसा के दौरान एक दर्जन से अधिक बसों, करीब 9 कारों और कई दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया। एक बस को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि कुछ घरों पर पत्थरबाजी और लाठी-डंडों से हमला किया गया। करीब 25 हजार की आबादी वाले तराना में हालात को संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
भारी पुलिस बल के बावजूद भड़की हिंसा
बता दें स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले से तैनात पुलिस बल के बावजूद उपद्रव हुआ। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए 350 से ज्यादा पुलिसकर्मियों, रैपिड एक्शन फोर्स और अतिरिक्त बल की तैनाती की। इसके बाद हालात पर धीरे-धीरे काबू पाया गया।
पुलिस ने अब तक 25 लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, शहरभर में लगे CCTV कैमरों और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का साफ कहना है कि शांति भंग करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन मैदान में उतरा, फ्लैग मार्च से दिया भरोसा
वहीं शुक्रवार को डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा खुद तराना पहुंचे। अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया और संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। शहर के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों और CCTV के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। वहीं सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर नजर रखने के लिए साइबर टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भ्रामक पोस्ट या वीडियो फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
प्रशासन के मुताबिक, पिछले 12 घंटों से किसी भी तरह की हिंसक घटना सामने नहीं आई है। कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि- फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और पुलिस बल तैनात है।
तराना में सुकून की वापसी, लेकिन निगरानी बरकरार
दो दिनों के तनाव और उपद्रव के बाद तराना अब शांति की ओर लौटता नजर आ रहा है। हालांकि प्रशासन साफ कर चुका है कि निगरानी में कोई ढील नहीं दी जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


