गुजरात: बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों से जुड़ा संवेदनशील डेटा डार्क वेब पर लीक होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्राहकों की निजी जानकारी के साथ बैंक के कुछ इंटरनल डॉक्यूमेंट्स भी ऑनलाइन सामने आए हैं।
इस मामले की जानकारी साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर और एक सूत्र ने दी है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस डेटा लीक से कितने ग्राहक प्रभावित हुए हैं।
कौन-कौन सी जानकारी लीक होने का दावा?
साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर श्रीकांत एल के अनुसार, कथित रूप से लीक हुए डेटा में ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी, पहचान से जुड़े दस्तावेज, लोन से संबंधित कागजात और बैंक के इंटरनल ऑडिट रिकॉर्ड शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मेटाडेटा एनालिसिस के आधार पर यह डेटा शनिवार रात एक डार्क वेब प्लेटफॉर्म पर दिखाई दिया था। यहां इसे 700GB से अधिक डेटा कैश के रूप में पेश किए जाने का दावा किया गया है।
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ईमेल सिस्टम में सेंधमारी की आशंका
मामले से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह घटना बैंक के किसी कंप्रोमाइज्ड ईमेल सिस्टम की वजह से हो सकती है। आशंका है कि हैकर्स ने ईमेल सिस्टम तक पहुंच बनाकर संवेदनशील जानकारी हासिल की। इस मामले की जांच के लिए बैंक की ओर से फोरेंसिक ऑडिट शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बैंक और नियामक संस्थाओं की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In की ओर से इस कथित डेटा लीक को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, बैंक ने इस मामले में स्टॉक एक्सचेंजों को भी अब तक कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है।
बढ़ते साइबर हमलों के बीच सामने आया मामला
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों पर साइबर हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बड़ी कंपनियों और संस्थानों के पास मौजूद बड़ी मात्रा में ग्राहक डेटा साइबर अपराधियों के निशाने पर रहता है। इससे पहले भी कई बड़े संगठनों पर साइबर हमले हुए हैं, जिनमें संवेदनशील दस्तावेजों के ऑनलाइन लीक होने के मामले सामने आए हैं।
क्या होता है डार्क वेब?
डार्क वेब इंटरनेट का वह हिस्सा है जिसे सामान्य सर्च इंजन से एक्सेस नहीं किया जा सकता। इसे इस्तेमाल करने के लिए विशेष ब्राउजर जैसे Tor की जरूरत होती है। कई बार इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों, चोरी किए गए डेटा की खरीद-बिक्री और साइबर अपराधों के लिए किया जाता है।
Bank of Baroda ग्राहकों के लिए जरूरी सावधानियां
1. पासवर्ड और PIN बदलें
ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे एहतियात के तौर पर नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM PIN के पासवर्ड अपडेट कर लें।
2. OTP और बैंक डिटेल शेयर न करें
किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ईमेल पर अपना OTP, CVV, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
3. संदिग्ध लिंक से बचें
किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और बैंकिंग से जुड़े मैसेज की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से ही करें।
फिलहाल इस कथित डेटा लीक मामले में जांच जारी है और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

