भोपाल:पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। भोपाल शहर में इसका सीधा असर सवा लाख से ज्यादा परिवारों पर पड़ने वाला है। मंत्रालय का कहना है कि यह कदम सरकारी सब्सिडी के सही इस्तेमाल के लिए उठाया गया है।
अभी तक ऐसे उपभोक्ता भी रियायती दर पर सिलेंडर ले रहे थे, जिनकी सीधी सब्सिडी बंद हो चुकी थी। नए निर्देश के बाद यह छूट भी खत्म हो जाएगी। बिना बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के अब सस्ता सिलेंडर मिलना मुश्किल होगा।
क्यों जरूरी है ई-केवाईसी
सरकार का मकसद साफ है। जिन उपभोक्ताओं का आधार प्रमाणीकरण नहीं हुआ है, उनकी पहचान पक्की नहीं मानी जा रही। इससे फर्जी या डुप्लीकेट कनेक्शन का खतरा बना रहता है। बायोमेट्रिक ई-केवाईसी से हर कनेक्शन असली उपभोक्ता से जुड़ जाता है।
इससे सरकारी सब्सिडी सही व्यक्ति तक पहुंचती है। पेट्रोलियम मंत्रालय पहले भी कई बार डेडलाइन बढ़ा चुका है। लेकिन इस बार सख्ती के साफ संकेत दिए गए हैं।
जेब पर कितना पड़ेगा असर
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस शर्मा ने इस बारे में अहम जानकारी दी है। उनके मुताबिक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को आगे बाजार मूल्य पर ही गैस मिलेगी। मौजूदा समय में सब्सिडी वाला सिलेंडर करीब 948 रुपए का पड़ता है।
वहीं बाजार मूल्य पर यही सिलेंडर 1600 से 1700 रुपए तक जा सकता है। यानी हर रिफिल पर सीधे 650 से 750 रुपए तक ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। आम परिवार के मासिक बजट पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
उपभोक्ताओं के पास क्या हैं रास्ते
उपभोक्ताओं के सामने दो साफ विकल्प हैं। पहला रास्ता तुरंत ई-केवाईसी कराने का है। दूसरा रास्ता बिना सब्सिडी बाजार मूल्य पर सिलेंडर लेने का है।
तुरंत ई-केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ता नजदीकी गैस एजेंसी जा सकते हैं। इसके अलावा संबंधित ओएमसी (OMC – ऑयल मार्केटिंग कंपनी) के पोर्टल या मोबाइल ऐप से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। एक बार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण हो जाने पर कनेक्शन पहले की तरह चालू रहेगा।
जो उपभोक्ता समयसीमा में ई-केवाईसी नहीं करा पाते, वे पोर्टल या ऐप के जरिए बिना सब्सिडी रिफिल बुक कर सकते हैं। इसमें उन्हें पूरी कीमत खुद चुकानी होगी।
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क्या करें उपभोक्ता
जिन घरों में अभी तक ई-केवाईसी नहीं हुई है उन्हें बिना देरी यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क करना सबसे आसान तरीका है। वहां आधार कार्ड और बायोमेट्रिक जांच के जरिए यह काम कुछ मिनटों में पूरा हो जाता है।
जिनके पास स्मार्टफोन है, वे संबंधित गैस कंपनी के ऐप से भी घर बैठे यहप्रक्रिया शुरु कर सकते हैं। हालांकि बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए कई बार एजेंसी जाना जरुरी हो सकता है। समय रहते यह काम पूरा करना ही बेहतर विकल्प है।

