भोपाल: मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की समूह-2 उप समूह-4 संयुक्त भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर कॉमर्स स्नातकों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई है। बालाघाट निवासी आवेदक अक्षय पटेल ने परीक्षा नियंत्रक को पत्र सौंपकर वाणिज्य स्नातकों से संबंधित पदों की परीक्षा पूर्व निर्धारित पाठ्यक्रम और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर कराने की मांग की है।
आवेदक के मुताबिक, 10 अगस्त 2026 को कर्मचारी चयन मंडल, भोपाल में प्राप्त हुए पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2026 के भर्ती विज्ञापन में बिना नियमों में संशोधन किए कॉमर्स स्नातकों से संबंधित विभिन्न पदों को समूह-2 उप समूह-4 में शामिल कर दिया गया है। इसके साथ ही परीक्षा का पाठ्यक्रम और पैटर्न भी बदल गया है।
2017, 2018 और 2022 की परीक्षाओं का दिया हवाला
पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2017, 2018 और 2022 में कॉमर्स स्नातकों से संबंधित पदों की भर्ती समूह-2 उप समूह-2 के माध्यम से आयोजित की गई थी। उस परीक्षा में कुल 200 अंकों का प्रश्नपत्र होता था, जिसमें 100 अंक संबंधित विषय यानी वाणिज्य (कॉमर्स) से पूछे जाते थे।
आवेदक का तर्क है कि कॉमर्स विषय से जुड़े पदों के लिए संबंधित विषय का पर्याप्त वेटेज होना जरूरी है, लेकिन वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा पैटर्न बदलने से अभ्यर्थियों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
इन पदों को लेकर उठाई गई आपत्ति
पत्र में कॉमर्स स्नातकों से संबंधित कई पदों का उल्लेख किया गया है, जिनमें उप अंकेक्षक, कनिष्ठ अंकेक्षक, लेखापाल, सहायक आंतरिक परीक्षण अधिकारी और सहायक लेखाधिकारी सहित अन्य पद शामिल हैं।
आवेदक ने मांग की है कि इन पदों के लिए परीक्षा पूर्व निर्धारित पाठ्यक्रम और समूह-2 उप समूह-2 के पुराने परीक्षा पैटर्न के अनुसार ही आयोजित की जाए।
क्या है अभ्यर्थी की मांग?
अक्षय पटेल ने कर्मचारी चयन मंडल से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया में कॉमर्स स्नातकों से संबंधित पदों के लिए पुराने नियमों और पाठ्यक्रम को ध्यान में रखा जाए। साथ ही परीक्षा पैटर्न में किए गए बदलाव पर पुनर्विचार करते हुए अभ्यर्थियों के हित में उचित निर्णय लिया जाए।
अब देखना होगा कि मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) इस आपत्ति पर क्या निर्णय लेता है और क्या कॉमर्स स्नातकों से संबंधित पदों के परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव किया जाता है।

