इंदौर। जहां सुरक्षा और सम्मान की उम्मीद हो, वहां से उठी मौत की खबर ने पूरे इंदौर को चौंका दिया। एक विधायक के घर काम करने वाली 19 साल की युवती की आत्महत्या ने सवाल छोड़ दिए हैं, क्या उसकी चुप्पी के पीछे कोई दबाव छिपा था?
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक संवेदनशील और चर्चित मामला सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक गोलू शुक्ला के आवास पर घरेलू कार्य करने वाली 19 वर्षीय नेहा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना बाणगंगा थाना क्षेत्र की है।
नेहा भगत सिंह नगर, खारच्चा की निवासी थी और रवि यादव की बेटी थी। वह विधायक के भतीजे यश शुक्ला के पोते की देखभाल की जिम्मेदारी निभा रही थी। बताया गया है कि नेहा के माता-पिता भी लंबे समय से इसी परिवार के यहां घरेलू कार्यों में लगे हुए थे।
बुधवार शाम जब नेहा के पिता घर लौटे, तो उन्होंने बेटी को कमरे में फंदे पर लटका देखा। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट या लिखित संदेश नहीं मिला है। इसी कारण आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस परिवार के सदस्यों, अन्य घरेलू कर्मचारियों और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि नेहा किसी मानसिक दबाव, पारिवारिक विवाद या व्यक्तिगत परेशानी से तो नहीं गुजर रही थी।
विधायक के आवास से जुड़ा मामला होने के कारण शहर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। एक तरफ राजनीति का चमकदार संसार है, दूसरी तरफ एक गरीब परिवार की बुझी हुई उम्मीद नेहा की मौत ने दोनों के बीच की खाई को फिर उजागर कर दिया है।


