बालाघाट। भाजपा के वर्तमान जिला अध्यक्ष व पूर्व मंत्री राम किशोर कावरे के बड़े भाई राजकुमार कावरे की हर्ष राइस इंडस्ट्री एक बार फिर विवादों में आ गई है। एनजीटी में की गई शिकायत के आधार पर एनजीटी के आदेश के बाद गठित जांच दल ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
12 जनवरी के आदेश के बाद 3 फरवरी को पहुंची जांच टीम
बता दें कि 12 जनवरी 2026 को दिए गए आदेश के परिपालन में 3 फरवरी 2026 को जांच दल ग्राम टेकाड़ी स्थित हर्ष राइस इंडस्ट्री पहुंचा और स्थल निरीक्षण किया। जांच टीम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम गोपाल सोनी शामिल रहे।
अवैध उत्खनन और पर्यावरण को नुकसान
जांच के दौरान रकबा नंबर 294, जिसे बड़े झाड़ का जंगल क्षेत्र बताया गया है, वहां मिट्टी और मुरूम का अवैध उत्खनन पाया गया। मौके पर तालाबनुमा आकृति भी बनी हुई मिली, जिससे अवैध खुदाई की पुष्टि होती है। जांच में यह भी सामने आया कि राइस मिल के पीछे स्थित नदी में राइस मिल का भूसा जा रहा है, जिससे जल प्रदूषण फैलने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा सड़क और नदी की ओर किसी भी प्रकार की बाउंड्री या सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया है।
20 दिन पहले जीएसटी की भी हो चुकी है कार्रवाई
गौरतलब है कि करीब 20 दिन पहले जीएसटी विभाग की टीम ने भी हर्ष राइस इंडस्ट्री में टैक्स से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर जांच की थी। अब एनजीटी की कार्रवाई से उद्योग प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
25 मार्च से पहले एनजीटी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
मामले पर जानकारी देते हुए एसडीएम गोपाल सोनी ने बताया कि- जांच दल द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट माननीय एनजीटी न्यायालय को 25 मार्च 2026 के पूर्व प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


