Saturday, June 6, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsअप्रत्याशित! रजनीश अग्रवाल राज्यसभा जाएंगे

अप्रत्याशित! रजनीश अग्रवाल राज्यसभा जाएंगे

मप्र की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर इस बार भाजपा ने एक ऐसा नाम चुना है जिसने संगठन के भीतर लंबे समय तक जमीनी स्तर पर काम किया है। भाजपा ने प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर एक बार फिर यह संदेश दिया है कि पार्टी में संगठनात्मक कार्य और बूथ प्रबंधन की अहम भूमिका है। रजनीश अग्रवाल को भाजपा संगठन में बूथ का भूत कहा जाता है, जो उनकी बूथ स्तर की मजबूत पकड़ और चुनावी रणनीति की दक्षता को दर्शाता है। वर्ष 2021 से उन्होंने मध्य प्रदेश में बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली और इस दौरान लगभग 65 हजार बूथों के डिजिटाइजेशन का काम पूरा किया। इसके साथ ही बूथों को ए,बी, सी और डी श्रेणी में बांटने और 30 मतदाताओं पर अर्द्धपन्ना प्रभारी नियुक्त करने जैसी रणनीतियों ने पार्टी के चुनावी ढांचे को मजबूत किया। रजनीश का राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से शुरू हुआ। पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद वे छात्र राजनीति में सक्रिय हुए और धीरे-धीरे भाजपा संगठन का हिस्सा बन गए। दिव्यांग होने के बावजूद उनकी कार्यशैली और संगठन पर पकड़ ने उन्हें पार्टी में एक अलग पहचान दिलाई। राज्यसभा उम्मीदवारों की रेस में कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा और अरविंद भदौरिया जैसे दिग्गज नेताओं के नाम भी शामिल थे, लेकिन पार्टी ने अंतत: ऐसे नेता को प्राथमिकता दी जो लंबे समय से संगठनात्मक काम में सक्रिय रहे और हाल के चुनावों में बड़े चुनावी मैदान में नहीं उतरे। राजनीतिक विज्ञानियों का मानना है कि यह फैसला भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें केवल बड़े चेहरे नहीं बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं को भी उच्च सदन में जगह दी जाती है। इससे संगठन में मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन मिलता है। रजनीश अग्रवाल का नाम आगे बढ़ाने में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और वरिष्ठ नेतृत्व की अहम भूमिका रही। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके नाम पर सहमति जताई। रजनीश अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने कभी टिकट की मांग नहीं की और यह अवसर पार्टी की ओर से मिला है। उनका मानना है कि भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो सामान्य कार्यकर्ता को भी राज्यसभा जैसे उच्च सदन तक पहुंचा सकती है। इस फैसले के साथ भाजपा ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि संगठन के भीतर बूथ स्तर का काम ही भविष्य की राजनीति की नींव तय करता है।

-मिलिंद ठाकरे

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

Bhopal- 31 to 6 June 2026
Bhopal- 24 to 30 May 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन