अशोकनगर। इश्क और प्यार हमेशा ही अंधा होता है यह कहावत हम सदियों से सुनते आ रहे हैं। अशोकनगर की एक दो लड़कियों में हुआ प्यार और फिर लिंग परिवर्तन कर शादी इसी का ताजा उदाहरण है। सामने आई यह प्रेम कहानी समाज की रूढ़ियों को भले ही चुनौती देती है। लेकिन दो सहेलियों का प्यार शादी तक पहुंचाने के लिए एक ने अपनी पहचान ही बदल डाली। छह लाख रुपये खर्च कर जेंडर चेंज कराया और अब नई पहचान के साथ नई जिंदगी शुरू की।
जिले की पिपरई तहसील अंतर्गत आने वाले बरखेड़ा गांव की रहने वाली नेनशु की कहानी साहस और प्रेम की अब मिसाल बन गई है। नैनशु अब ‘नमन’ बन चुकी हैं और असम की अनीता राजवर के साथ विवाह कर जीवन की नई शुरुआत कर चुकी हैं।
नमन ने बताया कि बचपन से ही उन्हें खुद को लड़का महसूस करने का एहसास था। समाज और परिवार की अपेक्षाओं के बीच यह संघर्ष वर्षों तक चलता रहा। खुद को स्वीकार करना उनके लिए सबसे कठिन कदम था।
करीब तीन साल पहले पढ़ाई के सिलसिले में इंदौर जाने पर सोशल मीडिया के जरिए उनकी मुलाकात अनीता से हुई। दोस्ती कब प्रेम में बदल गई यह पता ही नहीं चला। एक दूजे के साथ रहने के लिए बीच में वाधा बनी जेंडर की दीवार को तोड़कर अब दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया।
समाज में पति-पत्नी के रूप में पहचान पाने के लिए नमन ने जेंडर चेंज सर्जरी कराने का कठिन निर्णय लिया। दिल्ली में तीन जटिल सर्जरियों पर करीब छह लाख रुपये खर्च हुए। मध्यमवर्गीय परिवार से आने के कारण दोनों ने छोटी-छोटी नौकरियां कर यह रकम जुटाई।
इलाज के दौरान अनीता हर कदम पर नमन के साथ रहीं। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद नमन ने आधिकारिक रूप से नई पहचान पाई और फिर दोनों ने विवाह कर लिया। आज दोनों अपने फैसले से खुश हैं और मानते हैं कि सच्चा प्रेम समाज की हर दीवार को पार कर सकता है।
सहेलियों में हुआ प्रेम तो प्यार की खातिर 6 लाख का खर्च कर ‘नमन’ बनी नैनशु, थामा एक दूजे का हाथ


