गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। गोरखपुर में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान आयोजित जनसभा में योगी ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में बदला लेने की नहीं, बल्कि जनता के जरिए बदलाव करने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जनता जब फैसला करती है तो सत्ता बदलने में देर नहीं लगाती।
महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष का बयान देखा था। अखिलेश यादव ने कहा था कि उनकी अगली पीढ़ी हर लाठी और हर जख्म का बदला लेगी। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए योगी ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी के बबुआ को समझाइए, लोकतंत्र में बदला नहीं, जनता बदलाव करती है।’
योगी ने आगे कहा कि देश की जनता ने 2014 में केंद्र में और 2017 में उत्तर प्रदेश में बदलाव करके दिखाया था। यह बदलाव किसी राजनीतिक बदले से नहीं, बल्कि जनता के जनादेश से आया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनता के पास होती है और वही तय करती है कि सत्ता में कौन रहेगा।
ईवीएम पर सवाल उठाने वालों को भी घेरा
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव जीतने पर अपनी मेहनत को जीत का कारण बताते हैं, लेकिन हार मिलने पर ईवीएम पर सवाल उठाने लगते हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम गलत है तो इसी ईवीएम से चुनाव जीतकर संसद पहुंचने वाले राहुल गांधी को भी इस्तीफा दे देना चाहिए। योगी ने सवाल उठाया कि विपक्ष के लिए चुनाव जीतने पर ईवीएम सही और हारने पर गलत कैसे हो जाती है?
SIR के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी मतदाता सूची का पुनरीक्षण होता था और उस समय पार्टी इसका समर्थन करती थी। लेकिन अब निर्वाचन आयोग जब मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है तो विपक्ष इसका विरोध कर रहा है।
योगी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों के नाम शामिल होने से देश के गरीब, दलित और वंचित वर्ग के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मृत व्यक्तियों और अवैध रूप से शामिल नामों को हटाने की प्रक्रिया का विरोध करने के बजाय निर्वाचन आयोग के काम में सहयोग किया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन से माफी मांगने की मांग भी की।
1975 के आपातकाल को लेकर राहुल गांधी से पूछा सवाल?
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर लोकतंत्र की बात करने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने 1975 में लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जिस पार्टी के शासनकाल में देश ने आपातकाल देखा, वही आज लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है।
उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या कांग्रेस 1975 में लगाए गए आपातकाल के लिए देश की जनता से माफी मांगेगी? मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने इतिहास का भी जवाब देना चाहिए।
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दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन पर भी टिप्पणी
दिल्ली में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले योगी ने विपक्ष पर अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर देश में अव्यवस्था फैलाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

