धार जिले के शिक्षा विभाग मे पदस्थ भारत डोंडिया का नया कारनामा !

GEM पोर्टल के बिडिंग प्रक्रिया मे किया गया नियमों के उल्लंघन ?

धार। मध्यप्रदेश मे भ्रस्टाचार की शिकायते अब आम बात नजर होते आ रही है l शासकीय पैसो का बन्दरबाट किस तरह कुछ अधिकारीयों द्वारा किया जा रहा है यह बात अब किसी से छुपी नहीं है l किसी विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर बदलाब कर देते है और स्वयं अपने नियम बना कर लाभ पंहुचा रहें है l स्वभाविक है की यह सब करने मे कुछ न कुछ स्वार्थ तो जरूर उन अधिकारीयों का भी होगा ही, तभी कार्यवाही का डर भी इन्हे नहीं सता रहा है l
ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के धार जिले का सामने आया है जंहा शिक्षा विभाग मे पदस्थ अतिरिक्त ज़िला परियोजना समन्यक अधिकारी भारत डोंडिया ने नियमों को ताक पर रखकर लगातार चार बार टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी l

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर ट्रेड की लैब स्थापना के लिए निकाली गई GEM पोर्टल पर बिड को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया हैं। लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा तय किए गए नियमों और कार्यक्षेत्र (स्कोप ऑफ वर्क) को दरकिनार कर बार-बार बिड में बदलाव किए जाने का मामला अब चर्चा में है।
जानकारी के अनुसार DPI के आदेशों के बावजूद भी जिले में बिडिंग प्रक्रिया को सही तरीके से नहीं अपनाया गया है। एक ही ट्रेड की बिड चार बार निकाली गई और हर बार नियमों के विपरीत बदलाव किए गए।

पहली बिड बिना खोले ही दूसरी बिड जारी

21 जनवरी 2025 को बिड नंबर GEM/2025/B/5844265 जारी की गई थी, लेकिन उसे न खोला गया और न ही रद्द किया गया। इसके बावजूद दूसरी बिड जारी कर दी गई, जो GEM नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।
दूसरी बिड में SOW की शर्तें बदली गईं
5 मार्च 2025 को जारी की गई दूसरी बिड में प्रोजेक्ट वैल्यू और OEM से संबंधित कई नियम DPI द्वारा जारी SOW के खिलाफ रखे गए। बाद में यह बिड भी बिना कारण रद्द कर दी गई।

तीसरी बिड में भी खास फर्मों को फायदा पहुँचाने का आरोप

9 अप्रैल 2025 की तीसरी बिड में OEM के टर्नओवर को 5 करोड़ से घटाकर 4.5 करोड़ कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार यह बदलाव उन तीन फर्मों—ZEEL, REAL और OSHO—के लिए किया गया, जिनका टर्नओवर कम था।
सूत्र बताते है कि इन तीनों फर्मों को जरूरी प्रोजेक्ट अनुभव न होने के बावजूद योग्य घोषित किया गया, जबकि ZEEL और REAL एक ही परिवार की कंपनियाँ हैं।

चौथी बिड में नई शर्तें जोड़कर सीमित कर दी प्रतियोगिता
सूत्रों के अनुसार 29 नवंबर 2025 को जारी चौथी बिड (GEM/2025/B/6947569) को केवल MSE श्रेणी के लिए रिजर्व कर दिया गया, जिससे अन्य फर्म टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो गए। इसके अलावा ZED Bronze Certificate, GEM Vendor Assessment Report जैसी शर्तें जोड़ दी गईं, जबकि ये DPI के SOW में कहीं उल्लेखित नहीं थीं। सूत्र बताते है कि यह बिड किसी विशेष विक्रेता को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है।

बच्चों की शिक्षा और शासकीय पैसो का हो रहा दुरूपयोग!

सूत्रों का कहना है कि लगातार SOW बदलने, पात्रता में छेड़छाड़ करने और बिड को मनमाने तरीके से प्रकाशित करने से सरकारी धन के दुरुपयोग का जोखिम है। इसके साथ ही व्यावसायिक शिक्षा की लैबों की स्थापना में बाधा आएगी, जिसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ेगा। जिसे तत्काल निरस्त कर स्पष्ट रूप से नियमों के अधीन टेंडर प्रक्रिया की जानी चाहिए l इस संबंध मे ज़ब भारत डोंडिया से सम्पर्क कर तथ्यवाणी कि टीम ने स्पष्ट जानकारी लेनी चाही गयी तो उनके द्वारा फ़ोन फ़ोन नहीं उठाया गया l