खरगोन। कठोरा उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत कसरावद–दोगांवा मार्ग पर शुक्रवार को पाइपलाइन का वाल्व अचानक फटने से अफरा-तफरी मच गई। वाल्व टूटते ही करीब 10 फीट ऊंचा पानी का फव्वारा उठने लगा। देखते ही देखते हजारों लीटर पानी खेतों की ओर बहने लगा, जिससे आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
दो घंटे तक बहता रहा पानी
घटना की जानकारी मिलते ही नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) ने पानी की सप्लाई बंद करवाई, लेकिन तब तक करीब दो घंटे तक पानी लगातार खेतों में बहता रहा। इस दौरान बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बह गया, जो विभागीय लापरवाही की ओर इशारा करता है।
रबी फसलों को नुकसान
तेज बहाव के कारण आसपास के 8 से अधिक किसानों के खेतों में पानी भर गया। किसानों के अनुसार इन खेतों में चना और गेहूं की रबी फसल खड़ी थी, जो जलभराव से पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। किसानों ने आशंका जताई है कि अगर समय रहते पानी नहीं निकला तो फसल को भारी नुकसान होगा।
हाईटेंशन लाइन तक पहुंचा पानी
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब पानी का तेज बहाव पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के नीचे तक पहुंच गया। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रही। ग्रामीणों ने तत्काल प्रशासन को सूचना देकर सतर्क किया।
मेंटेनेंस सुधार और मुआवजा
घटना से नाराज किसानों ने सिंचाई परियोजना के रखरखाव पर सवाल उठाते हुए मेंटेनेंस सुधार की मांग की है। साथ ही, फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते वाल्व और पाइपलाइन की जांच होती, तो यह हादसा टल सकता था।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इस घटना से प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है।


