दिल्ली ; दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया है। हालांकि, सीबीआई द्वारा दर्ज अलग भ्रष्टाचार मामले में उनकी रिहाई की याचिका पर फैसला लंबित होने तक वे जेल में ही रहेंगे।कोर्ट ने मिशेल की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत अधिकतम 7 साल की सजा की अवधि वे पूरी कर चुके हैं।
दिसंबर 2018 से हिरासत में हैं मिशेल;
स्पेशल जज ने CrPC की धारा 436A का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में उन्हें 21 दिसंबर 2025 से आगे हिरासत में नहीं रखा जा सकता।इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई मामले में और दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन जमानत शर्तें पूरी न होने के कारण वे जेल से बाहर नहीं आ सके थे।सुनवाई के दौरान मिशेल के वकील अल्जो के. जोसेफ ने तर्क दिया कि 12 साल बीत जाने के बावजूद जांच पूरी नहीं हुई है और किसी व्यक्ति को सजा की अधिकतम अवधि से ज्यादा हिरासत में नहीं रखा जा सकता। मिशेल ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि यदि रिहा किया जाता है तो वे ट्रायल की शेष कार्यवाही में सहयोग करेंगे।कोर्ट रूम से बाहर आने पर मिशेल ने कहा, “भारत में कुछ अच्छे जज हैं। मैं कोर्ट के फैसले से संतुष्ट हूं। भारत का संविधान बहुत अच्छा है।”सीबीआई मामले में उनकी इसी तरह की याचिका पर कोर्ट ने एजेंसी से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी।
वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे से जुड़ा यह मामला;
यह मामला 3,600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर रिश्वत और अनियमितताएं हुईं। मिशेल को दिसंबर 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था। ईडी ने आरोप लगाया है कि उन्हें अगस्ता वेस्टलैंड से 30 मिलियन यूरो (लगभग 225 करोड़ रुपये) मिले थे।
यह मामला 3,600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर रिश्वत और अनियमितताएं हुईं। मिशेल को दिसंबर 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था। ईडी ने आरोप लगाया है कि उन्हें अगस्ता वेस्टलैंड से 30 मिलियन यूरो (लगभग 225 करोड़ रुपये) मिले थे।


