इंदौर। भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई दर्जनों मौते के बाद नगरीय प्रशासन की नींद खुलती दिखाई दे रही है। सोमवार को हुई 23 मौत के बाद नगर निगम ने दूषित पानी की शिकायतों के बाद जल सुनवाई करने का बड़ा फैसला लिया है। अब शहर के सभी जोन में ‘जल सुनवाई’ होगी, जहां नागरिक सीधे अधिकारियों से शिकायत कर सकेंगे। यह पहल पानी की राजनीति नहीं, बल्कि पानी की जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
भागीरथपुरा क्षेत्र से गंदे पानी की शिकायत सामने आने के बाद नगर निगम की लापरवाही के चलते समय पर सुनवाई नही हुई। इसके बाद निगम की कार्यप्रणालियों पर सवाल खड़े हुए थे। नल से बदबूदार और गंदा पानी आने की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। इसके बाद नगर निगम ने तय किया कि पूरे शहर में जल सुनवाई की व्यवस्था लागू की जाएगी। इंदौर के सभी 22 जोन में नागरिक अपनी समस्या सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे।
नगर निगम ने इंजीनियरों और जल प्रदाय विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी तय कर दी है। निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों का मौके पर समाधान किया जाए और अनदेखी न हो। जल सुनवाई हर मंगलवार सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक संबंधित जोन कार्यालय में होगी। नागरिक बिना किसी जटिल प्रक्रिया के पहुंच सकते हैं। इस पहल से टैंकर, पाइपलाइन लीकेज, कम प्रेशर और गंदे पानी जैसी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो सकेगा। नगर निगम का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों का भरोसा सिस्टम पर मजबूत होगा।
दूषित पानी को लेकर इंदौर नगर निगम का बड़ा फैसला, ‘जल सुनवाई’ की शुरुआत


