भाजपा सरकार के दो वर्ष: नगरीय अव्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और स्वास्थ्य संकट के दो वर्ष- कांग्रेस

भोपाल; मध्यप्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर तीखा हमला बोला है। आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पूर्व नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने संयुक्त पत्रकार वार्ता आयोजित की। दोनों नेताओं ने सरकार के कार्यकाल को नगरीय विकास की विफलता, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और स्वास्थ्य व्यवस्था के संकट का प्रतीक बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को पूरी तरह खोखला करार दिया और जनता की जान-माल से खिलवाड़ करने का जिम्मेदार ठहराया।
नगरीय विकास में विफलताएं और भ्रष्टाचार के आरोप
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने नगरीय विकास क्षेत्र में सरकार की असफलताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, भाजपा के दो साल उपलब्धियों के नहीं, बल्कि नगरीय संस्थाओं को कमजोर करने, योजनाओं को अटकाने, रोजगार छीनने और जनता को परेशान करने के दो वर्ष हैं। पिछले दो वर्षों में नगर निकायों का विकास ठप हो गया है। प्रदेश के शहरों में मास्टर प्लान तक नहीं लाया जा सका, जबकि कांग्रेस सरकार ने 1995 में मास्टर प्लान प्रस्तुत किया था। 2005 में अगला प्लान आना था, लेकिन 22 वर्षों से अधिक सत्ता में रहने वाली भाजपा आज तक इसे नहीं ला पाई। भोपाल और इंदौर जैसे महानगर विकास की बजाय अव्यवस्था के शिकार हो रहे हैं।सिंह ने सरकार की प्रमुख विफलताओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाए।भोपाल का सुभाष नगर फ्लाईओवर 90 डिग्री टर्न;

 इस पुल में 90 डिग्री का शार्प टर्न IRC मानकों का उल्लंघन है। उद्घाटन के बाद से कई हादसे हो चुके हैं, जो करोड़ों रुपयों की बर्बादी और जानलेवा भ्रष्टाचार का उदाहरण है।

रायसेन पुल कांड; करोड़ों की लागत से बना पुल निर्माण/मरम्मत के दौरान ही ढह गया। घटिया सामग्री के उपयोग और कमीशनखोरी के आरोप लगाए गए। रायसेन जिले में ₹150 करोड़ से अधिक का बजट खर्च हुआ, लेकिन क्वालिटी कंट्रोल पूरी तरह अनुपस्थित रहा।

भोपाल-इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में इंजीनियरिंग त्रुटि; ₹12,000 करोड़ से अधिक की लागत वाले प्रोजेक्ट में पिलर्स की ऊंचाई इतनी कम रखी गई कि बसें और ट्रक नहीं निकल पाते। अब सड़कें खोदकर सुधारने पर अतिरिक्त ₹50 करोड़ खर्च हो रहे हैं, जिससे जलभराव की समस्या बढ़ गई है।

उज्जैन लैंड पूलिंग योजना; जून 2024 में शुरू हुई योजना नवंबर 2025 में रद्द करनी पड़ी। ढाई हजार हेक्टेयर किसानों की भूमि जबरन अधिग्रहित की गई, लेकिन विरोध के बाद सरकार को पीछे हटना पड़ा।

अन्य भ्रष्टाचार; अग्निशमन उपकरणों में ₹200 करोड़ का घोटाला, सीवेज प्रोजेक्ट्स में ₹8,000 करोड़ का प्रावधान लेकिन कार्य अधूरे, और अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण में वसूली।

जयवर्धन सिंह ने सवाल उठाया, “क्या सरकार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है? कमीशन का खेल चल रहा है, जहां डिजाइन में जानबूझकर कमियां रखी जाती हैं ताकि बाद में सुधार के नाम पर बजट बढ़ाया जा सके। बड़े ठेकेदारों को संरक्षण दिया जा रहा है। विक्रांत भूरिया ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर फोकस करते हुए सतना में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को HIV संक्रमित खून चढ़ाने के मामले को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इसे हादसा नहीं, अपराध करार दिया और कहा, 2025 में रक्त चढ़ाने से HIV होना दुर्घटना नहीं हो सकता। ब्लड स्क्रीनिंग फेल हुई, टेस्टिंग प्रोटोकॉल तोड़े गए और निगरानी व्यवस्था ध्वस्त है।।
भूरिया ने कहा, “सरकारी गलती की सजा गरीब परिवार क्यों भुगतें? BJP सरकार विज्ञापन चलाती है, अस्पताल नहीं चलाती। पोस्टर सुरक्षित हैं, मरीज नहीं।

कांग्रेस की मांगे ; ब्लड बैंक प्रभारी और स्वास्थ्य अधिकारियों को तत्काल निलंबित करें, आपराधिक FIR दर्ज हो।

पीड़ित बच्चों को जीवनभर मुफ्त इलाज और उचित मुआवजा।

रायसेन पुल, मेट्रो और फ्लाईओवर मामलों में दोषी ठेकेदारों/इंजीनियरों को ब्लैकलिस्ट करें और वसूली करें।

सभी ब्लड बैंकों का राज्य-स्तरीय ऑडिट, ब्लड सेफ्टी रिपोर्ट सार्वजनिक।

नगरीय विकास में पारदर्शिता के लिए मास्टर प्लान तुरंत लागू करें।

नगर निगमों के कर्मचारियों और पेंशनर्स का बकाया जारी करें।

अंत में दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज बनेगी और सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। यह सरकार बुनियादी मुद्दों पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।