सरकारी स्कूलों में 4.37 करोड़ का निर्माण घोटाला, तीन प्राचार्य निलंबित

मैहर। जिले में सरकारी स्कूल निर्माण के नाम पर हुए करोड़ों के घोटाले ने शिक्षा विभाग की साख को एक बार फिर से दागदार किया है। लगातार मिल रही शिकायातों के बाद हुई जांच में बड़े पैमाने पर अनियमित भुगतान उजागर हुए हैं, जिसके बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
मैहर के रामनगर विकासखंड में भवन मरम्मत, पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड निर्माण के नाम पर की गई 4.37 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का खुलासा होने पर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन प्राचार्यों को निलंबित कर दिया और सात अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। जांच में पाया गया कि कई स्कूलों में बिना तकनीकी स्वीकृति, बिना भौतिक सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना निजी फर्मों को लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया।
निलंबित प्राचार्यों में संकर्षण प्रसाद पांडेय, रविंद्र सिंह और किरण पटेल शामिल हैं। इन पर 23-25 लाख रुपये के फर्जी भुगतान का आरोप है। इन्हें बीईओ कार्यालय अमरपाटन में अटैच किया गया है। इससे पहले भी विभाग बीईओ, चार प्राचार्य और एक चपरासी पर कार्रवाई कर चुका है। अब तक कुल 9 कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
अधिकारियों का मानना है कि घोटाले का दायरा और बड़ा हो सकता है। आगामी दिनों में और नाम सामने आने और वसूली की कार्रवाई होने की भी संभावना है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने स्कूल विकास के नाम पर हुई इस वित्तीय गड़बड़ी पर कड़ी नाराजगी जताई है।

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