इस्लामाबाद। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान कथित कुप्रबंधन और टीम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई फजीहत के बाद पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) में बड़ा प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया है। महासंघ के अध्यक्ष तारिक बुगती ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को भेजते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।
वायरल वीडियो से बढ़ी असहजता
सूत्रों के मुताबिक यह पूरा विवाद उस समय भड़का जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें पाकिस्तान हॉकी टीम के खिलाड़ी सिडनी की सड़कों पर अपने लगेज के साथ खड़े दिखाई दिए। वीडियो के सामने आते ही खेल प्रशंसकों और मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। जिसमें आरोप लगे कि टीम के लिए होटल बुकिंग समय पर नहीं की गई, जिससे खिलाड़ियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
हालांकि, टीम के कप्तान शकील अहमद बट ने एक वीडियो जारी कर शुरुआत में दावा किया कि- सब कुछ सामान्य है और टीम को कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन पाकिस्तान लौटने के बाद लाहौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने महासंघ के प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए दौरे के दौरान अव्यवस्था और बदइंतजामी का आरोप लगाया।
वहीं एक अन्य वायरल क्लिप में दावा किया गया कि होटल बुकिंग न होने के कारण खिलाड़ियों को सड़कों पर इंतजार करना पड़ा और मैच से पहले उन्हें बर्तन साफ करने तक की नौबत आई। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इससे संस्थागत विश्वसनीयता पर गहरा असर पड़ा।
कप्तान के सार्वजनिक बयान के बाद PHF अध्यक्ष बुगती ने उन पर पाकिस्तान हॉकी की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए दो साल का प्रतिबंध लगा दिया। इस कदम ने विवाद को और तीखा बना दिया और इसे जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा गया।
PHF और पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड आमने-सामने
जानकारी अनुसार, मामले में पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (PSB) और PHF के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया। बुगती ने कहा कि- ऑस्ट्रेलिया दौरे की व्यवस्थाएं PSB की जिम्मेदारी थीं। वहीं जब उनसे दस लाख रुपये से अधिक के चेक को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस पर स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। यह घटनाक्रम पाकिस्तान खेल प्रशासन में समन्वय की कमी और जवाबदेही के अभाव को उजागर करता है।
कोच की पेशकश और टीम का प्रदर्शन
साथ ही टीम के मुख्य कोच ताहिर जमां ने भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की। हालांकि उन्होंने टीम के भीतर अनुशासनहीनता की बात भी कही। उनका कहना था कि- कुछ खिलाड़ियों के आपसी विवाद और अपशब्दों ने टीम के मनोबल और प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव डाला। मैदान पर भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पाकिस्तान की टीम प्रो लीग में खेले गए सभी आठ मुकाबले हारकर नौ टीमों में अंतिम स्थान पर रही। अब टीम को विश्व कप के अंतिम क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के लिए मिस्र का दौरा करना है, जहां उसके सामने अपनी साख बचाने की बड़ी चुनौती होगी।


