सागर। बुंदेलखंड के ऐतिहासिक रहस लोकोत्सव के मंच से पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता गोपाल भार्गव ने अपने तीखे तेवरों से राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में भार्गव ने बुंदेलखंडी स्वाभिमान का मुद्दा उठाकर अपनी निष्ठा और क्षेत्र के गौरव को रेखांकित किया।
स्वाभिमान की हुंकार
समारोह को संबोधित करते हुए गोपाल भार्गव ने कहा, हम बुंदेलखंडी निर्धन हो सकते हैं, किंतु विश्वासघाती (गद्दार) नहीं। हमने सदैव स्वामिभक्ति निभाई है और भविष्य में भी इसे अक्षुण्ण रखेंगे। उनके इस कथन पर सभा स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। राजनैतिक विश्लेषक इस बयान को वर्तमान सत्ता समीकरणों और क्षेत्रीय अस्मिता से जोड़कर देख रहे हैं।
मुख्यमंत्री का विकास मंत्र
यद्यपि मंच पर उपस्थित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन को विकास कार्यों तक ही सीमित रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार बुंदेलखंड के सर्वांगीण विकास और प्रगति के लिए पूर्णतः संकल्पित है। भार्गव का यह ’शक्ति प्रदर्शन’ सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है।
हम निर्धन हो सकते हैं, विश्वासघाती नहीं; गोपाल भार्गव के तेवरों से प्रदेश की राजनीति गर्माई


