जैतहरी के परशुराम चौक में गूंजा ‘जय जय परशुराम’, स्थायी शेड निर्माण का संकल्प

अनूपपुर। भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर अनूपपुर  के जैतहरी स्थित परशुराम चौक में विप्र समाज द्वारा अत्यंत भव्य, धार्मिक एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में जिले भर से बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोगों ने सहभागिता कर समाज की एकजुटता और आस्था का अद्वितीय परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान यह महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई कि परशुराम चौक में स्थायी शेड का निर्माण कराया जाएगा, जिससे भविष्य में धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को और अधिक सुव्यवस्थित रूप से संपन्न किया जा सके।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के पूजन, अर्चन, वंदन एवं महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। पूरे आयोजन स्थल पर ‘जय जय परशुराम’ और ‘भगवान परशुराम अमर रहें’  के गगनभेदी नारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं में अपार उत्साह और श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

विप्र समाज के आवाहन पर विशेष रूप से जैतहरी एवं आसपास के क्षेत्रों सहित पूरे जिले से ब्राह्मण समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व में जैतहरी में प्रदर्शित ब्राह्मण एकता की ऐतिहासिक सफलता की चर्चा करते हुए सभी समाजजनों को साधुवाद दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार समाज ने एक मंच पर संगठित होकर अपनी शक्ति का परिचय दिया है, वह पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत है।

समारोह का संचालन पंडित महेश प्रसाद तिवारी ने प्रभावशाली शैली में किया। मुख्य वक्ता के रूप में विप्र समाज के संयोजक पंडित राम नारायण द्विवेदी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि आज हम जिस स्वरूप की पूजा कर रहे हैं, वह केवल प्रतिमा नहीं, बल्कि सजीव दिव्य सत्ता का प्रतीक है। भगवान परशुराम सात चिरंजीवों में से एक हैं और कलियुग में भी उनकी उपस्थिति समाज का मार्गदर्शन करती है। उनके इस भावपूर्ण वक्तव्य से उपस्थित जनसमूह अत्यंत भावविभोर हो उठा।

कार्यक्रम के दौरान शीतल पेयजल, प्रसाद, फल-फूल एवं अन्य तरल पदार्थों का विशाल स्तर पर वितरण किया गया। अंत में समाज के हितों की रक्षा और आवश्यकता पड़ने पर सदैव एकजुट रहने का सामूहिक संकल्प लिया गया। सभी ने एक स्वर में कहा कि ब्राह्मण समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और जब भी समाज को आवश्यकता होगी, सभी एक साथ खड़े रहेंगे।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पंडित विद्याधर शुक्ला, पंडित रोहिणी त्रिपाठी, पंडित सुरेंद्र शुक्ला, पंडित रोहिणी प्रसाद तिवारी, पंडित शेषनारायण शुक्ला, रामसजीवन गौतम, पंडित सत्येंद्र दुबे, पंडित विजय शुक्ला, पंडित महेश प्रसाद तिवारी, पंडित राजेंद्र द्विवेदी, पंडित दुर्गा प्रसाद तिवारी, पंडित विजय मिश्रा, पंडित मयंक त्रिपाठी, पंडित विद्याधर पांडे, पंडित श्याम नारायण शुक्ला, शास्त्री जी तथा पंडित द्वारिका प्रसाद त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

अंत में जिले की ओर से आयोजकों को इस सफल एवं ऐतिहासिक आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा भविष्य में भी समाजहित के प्रत्येक कार्य में साथ रहने का आश्वासन दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *