अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत की पुष्टि; ईरान-इजराइल संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर, सुनाई देने लगी विश्व युद्ध की आहट

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तेहरान। मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक परिदृश्य में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर सामने आया है। ईरान की संप्रभुता के प्रतीक और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शहीद होने की आधिकारिक पुष्टि ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। ईरान की विशिष्ट सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी ) और सरकारी मीडिया ने इस विध्वंसक घटना के लिए अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य प्रहार को उत्तरदायी ठहराया है।
आईआरजीसी ने ली भीषण बदले की शपथ
ईरान के सरकारी समाचार माध्यमों ने इस घटना को मात्र एक सैन्य क्षति नहीं, बल्कि वैश्विक आतंकवाद का निकृष्टतम उदाहरण करार दिया है। आईआरजीसी के आधिकारिक वक्तव्य में स्पष्ट किया गया है कि सर्वोच्च नेतृत्व की शहादत अंतरराष्ट्रीय नियमों और नैतिक मर्यादाओं की स्पष्ट अवहेलना है। ईरान ने वैश्विक समुदाय को आगाह करते हुए ’पक्की और अफसोसजनक सजा’ की चेतावनी दी है। सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि शहादत शब्द का चयन ईरानी आवाम में प्रतिरोध की अग्नि को प्रज्वलित करने और जवाबी सैन्य कार्रवाई को धार्मिक वैधता प्रदान करने के लिए किया गया है।
सर्जिकल स्ट्राइक या पूर्ण युद्ध? तेहरान में धमाके
सूचनाओं के अनुसार, तेहरान स्थित सर्वोच्च कमांडर के रणनीतिक परिसरों और सुरक्षा मुख्यालयों को अत्याधुनिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। हालांकि स्वतंत्र स्रोतों से धरातलीय क्षति का पूर्ण विवरण मिलना शेष है, किंतु ईरानी नेतृत्व द्वारा इसे शहादत घोषित करना यह संकेत देता है कि प्रहार सीधा और घातक था। डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के हालिया बयानों ने इस सैन्य अभियान की गंभीरता को और अधिक पुख्ता कर दिया है।
सत्ता का शून्य और विशेषज्ञों के समक्ष चुनौती
ईरान के संवैधानिक ढांचे में सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) का पद सर्वोच्च है, जिसके पास सेना, न्याय और धर्म के अंतिम अधिकार सुरक्षित होते हैं। खामेनेई के अवसान के बाद अब असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स (विशेषज्ञों की परिषद) के कंधों पर नए उत्तराधिकारी के चयन का भारी उत्तरदायित्व है। युद्ध के मुहाने पर खड़े ईरान में क्या कोई कट्टरपंथी सैन्य चेहरा’ सत्ता की बागडोर संभालेगा? यह प्रश्न आने वाले दिनों की वैश्विक राजनीति की दिशा तय करेगा।
ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता का बड़ा खतरा
इस घटनाक्रम ने वैश्विक बाजारों में पैनिक (घबराहट) की स्थिति उत्पन्न कर दी है। यदि ईरान जवाबी कार्रवाई के रूप में होर्मुज जलडमरूमध्य (कच्चे तेल की आपूर्ति का मुख्य मार्ग) को अवरुद्ध करता है, तो विश्व भर में ऊर्जा संकट गहरा सकता है।

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