बालाघाट। जिले में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 2 फरवरी को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन विभाग के सचिव और सुगम परिवहन सेवा निगम के प्रबंध निदेशक मनीष सिंह ने बस ऑपरेटर्स के साथ विस्तृत चर्चा कर योजना की रूपरेखा साझा की। बैठक में कलेक्टर मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा, जिला परिवहन अधिकारी और बस ऑपरेटर्स मौजूद रहे।
क्या है सुगम परिवहन सेवा?
यह योजना ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों को जिला मुख्यालयों व शहरी क्षेत्रों से अत्याधुनिक और किफायती बस सेवाओं के जरिए जोड़ने का बड़ा प्रयास है। इस सेवा की बसें जीपीएस ट्रैकिंग, ऑनलाइन टिकटिंग, निर्धारित समय-सारिणी, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। योजना का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाना है।
निजी बस ऑपरेटर्स बनेंगे अहम हिस्सा
मनीष सिंह ने स्पष्ट किया कि इस सेवा में निजी बस ऑपरेटर्स की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्हें तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग दिया जाएगा। इस योजना से ऑपरेटर्स को नियमित यात्री, बेहतर प्रबंधन और शासन की ओर से प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा।
जबलपुर संभाग में 8 महीने में लागू होगी सेवा
श्री सिंह ने बताया कि जबलपुर संभाग के सभी जिलों में यह सेवा अगले आठ महीनों में चरणबद्ध तरीके से शुरू हो जाएगी। बालाघाट को प्राथमिकता वाले जिलों में शामिल किया गया है ताकि दूरस्थ क्षेत्रों को भी मजबूत परिवहन सुविधा मिल सके।
आधुनिक बस स्टैंड के लिए भूमि चयन
बैठक में निर्देश दिए गए कि बालाघाट जिला मुख्यालय में लगभग 10 एकड़ भूमि चिन्हित कर आधुनिक सुविधाओं वाला बस स्टैंड विकसित किया जाए। सुव्यवस्थित बस स्टैंड योजना के सुचारू संचालन की कुंजी बताया गया।
नागरिकों को होगा सीधा फायदा
कलेक्टर मृणाल मीना ने कहा कि सुगम परिवहन सेवा से आमजन को सुरक्षित, सुलभ और समयबद्ध यात्रा का लाभ मिलेगा। ग्रामीण, शहरी संपर्क मजबूत होगा। वहीं, बस ऑपरेटर्स ने भी योजना का स्वागत किया और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। प्रशासन इसकी शुरुआत जल्द सुनिश्चित करने में जुट गया है।
बालाघाट में जल्द शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’, ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार


