उत्तर से चल रहीं ठंडी हवाओं से मैदानी क्षेत्रों में गिरेगा पारा, मध्यप्रदेश में बढ़ेगी ठिठुरन

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एक या दो दिनों में दिखाई देगा ठंड का असर
भोपाल। उत्तरी भारत से चल रही ठंडी हवाओं ने मैदानी क्षेत्रों खासतौर पर मध्यप्रदेश में ठिठरुन बढ़ादी। इसका सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबंल और सागर संभाग में दिखाई देगा। यहां कोहरा भी छाने की संभावना जताई जा रही है। इन हवाओं का असर यह होगा कि दिन और रात के पारे में भारी गिरावट दिख सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के 19 शहरों में रात का पारा जहां 10 डिग्री सेल्सियस से कम हो सकता है वहीं दिन के पारे में भी लगभग 2 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
उत्तर से आ रही सर्द हवाओं ने मध्यप्रदेश एक बार फिर से ठिठुरन को बढ़ दिया है। सर्द हवाओं का अंचल में सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में दिखाई दे रहा है। स्थिति यह है कि सुबह के समय ही कोहरा छाने के कारण विलिजिविल्टी 5 से 10 मीटर पर सिमट गई। गुरुवार-शुक्रवार की रात में भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत 19 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश में रात के तापमान में औसत 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बर्फबारी और बारिश होने की संभावना भारतीय मौसम विभाग ने जताई है। यही कारण है कि अचानक से मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। पहाड़ी क्षे़त्रों से चल रहीं सर्द हवाएं एमपी में आ रही है।
7-8 दिसंबर को ठंड का असर और बढ़ेगा
पश्चिमी विक्षोभ का असर सही मायनों में रविवार से दिखाई देगा। अभी मधप्रदेश का हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी अपेक्षाकृत उतनी ठंड नहीं प्रारंभ नहीं हुई जितनी मैदानी क्षेत्रों में असर दिखा रही है। आलम यह है कि शुक्रवार-शनिवार को रीवा में रात का पारा 5.8 डिग्री दर्ज किया गया जो पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडा रहा।