इटावा। यूपी के इटावा जिले में सामने आए एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाले हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय मनीष यादव की हत्या कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और क्रूर वारदात थी, जिसे प्रेम-प्रसंग के कारण अंजाम दिया गया।
कैसे सामने आई वारदात की सच्चाई?
जानकारी के मुताबिक, 19 फरवरी को रेलवे ट्रैक के पास बोरी में बंद एक क्षत-विक्षत शव मिला। शरीर के टुकड़ों की हालत देखकर पुलिस भी दंग रह गई। जांच शुरू हुई तो खुलासा हुआ कि शव 18 फरवरी से लापता UPSC अभ्यर्थी मनीष यादव का है।
प्रेम-प्रसंग बना मौत की वजह
बता दें पुलिस जांच में सामने आया कि मनीष का प्रेम संबंध रामपुर में तैनात एक महिला ट्रेनी सिपाही से था। इस रिश्ते से युवती का भाई अभिषेक यादव, जो कि CRPF का जवान है, बेहद नाराज़ था। उसने इसे परिवार की प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर मनीष को खत्म करने की योजना बनाई।
प्लानिंग, अपहरण और मर्डर
सूत्रों के अनुसार,18 फरवरी की सुबह मनीष कोचिंग के लिए निकला था। जिसके बाद रास्ते में ही अभिषेक और उसके साथी कार से पहुंचे और मनीष को जबरन अगवा कर लिया। फिर सुनसान जगह ले जाकर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए शव के टुकड़े काटे गए और रेलवे ट्रैक पर फेंक दिए गए, ताकि पुलिस इसे ट्रेन हादसा समझे। यह साजिश इतनी ठंडे दिमाग से रची गई थी कि पुलिस भी शुरुआती जांच में उलझ गई, लेकिन CCTV और कॉल डिटेल्स ने अपराधियों तक का रास्ता खोल दिया।
मुख्य आरोपी फरार
बता दें इटावा पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कार के मालिक दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मुख्य आरोपी अभिषेक यादव और उसका साथी विपिन अभी भी फरार हैं। पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। वहीं मामले पर पुलिस का कहना है कि- किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। SP इटावा के मुताबिक, यह मामला बेहद जघन्य और योजनाबद्ध हत्या का है। बचे हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।


