इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान को रविवार को लाहौर स्थित उनके घर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 27 सितंबर को प्रस्तावित ‘जस्टिस मार्च’ से कुछ दिन पहले हुई है। पीटीआई इमरान खान की रिहाई और न्याय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर इस प्रदर्शन की तैयारी कर रही है।
पीटीआई की पंजाब इकाई के प्रवक्ता ने अलीमा खान की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी के तत्काल बाद पुलिस की ओर से उनके खिलाफ लगाए गए किसी विशेष आरोप की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई थी।
27 सितंबर को प्रस्तावित है जस्टिस मार्च
पीटीआई ने 27 सितंबर को बड़े विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी के चेयरमैन गोहर अली खान ने इसे ‘जस्टिस मार्च’ नाम दिया है। पार्टी के अनुसार, प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा इमरान खान की रिहाई है। इसके अलावा न्याय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी प्रदर्शन के दौरान उठाया जाएगा।
अलीमा खान की गिरफ्तारी से पहले इस्लामाबाद में भी पीटीआई से जुड़े चार कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। डॉन के मुताबिक, पुलिस ने इन लोगों को एक बैठक के सिलसिले में हिरासत में लिया था। पुलिस का कहना था कि बैठक में प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारियों पर चर्चा की जा रही थी।
पीटीआई का आरोप है कि सरकार प्रदर्शन को रोकने के लिए उसके कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रही है। पार्टी इसके बावजूद 27 सितंबर के मार्च की तैयारियां जारी रखे हुए है।
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इमरान खान लंबे समय से जेल में
इमरान खान तीन साल से ज्यादा समय से जेल में हैं। पीटीआई लगातार उनकी रिहाई की मांग करती रही है। पार्टी और उनके परिवार की ओर से जेल में उनकी सेहत और मुलाकात से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाते रहे हैं।
कुछ समय पहले आंखों में संक्रमण के बाद इमरान खान को इलाज के लिए अस्पताल ले जाए जाने की खबर सामने आई थी। इलाज के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया था। उनके परिवार ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई है।
अलीमा खान की गिरफ्तारी 27 सितंबर के प्रस्तावित मार्च से पहले हुई है। पीटीआई इस प्रदर्शन के लिए समर्थकों को जुटा रही है। पुलिस की ओर से अलीमा की गिरफ्तारी की विस्तृत वजह या उनके खिलाफ किसी विशिष्ट आरोप की आधिकारिक जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं की गई है।

