सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बहरी थाना क्षेत्र के बाईपास इलाके में एक किराए के मकान में चल रही प्रार्थना सभा को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। धर्मांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने मौके से ईसाई धर्म से संबंधित एक दर्जन से अधिक प्रार्थना पुस्तकें, लिफाफे और अन्य सामग्री बरामद करने की बात कही है।
सूचना पर पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार, बाईपास इलाके के एक कमरे में पिछले कुछ दिनों से प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। इसकी जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और आपत्ति जताते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सभा का संचालन कर रहे तीन लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिस का कहना है कि सभा में आसपास के गांवों के लोग और कुछ स्कूली बच्चे भी मौजूद थे। आरोप है कि यहां लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। हालांकि, पुलिस इस आरोप से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है।
तीनों के खिलाफ मामला दर्ज
बहरी थाना प्रभारी राजेश पांडे के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेंद्र बहादुर सिंह, राजपति सिंह और गिब्सन थोमस के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि सभा कितने समय से आयोजित हो रही थी, इसमें कौन-कौन लोग शामिल होते थे और क्या किसी व्यक्ति पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव या प्रभाव डाला गया था। बरामद सामग्री और पूछताछ से मिले तथ्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
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बजरंग दल ने लगाए प्रलोभन के आरोप
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का दावा है कि सभा करीब एक सप्ताह से चल रही थी। उनका आरोप है कि आसपास के गांवों से आदिवासी और हिंदू समुदाय के लोगों को बुलाकर आर्थिक मदद, बीमारी ठीक करने और अन्य सुविधाओं का भरोसा दिया जाता था। कार्यकर्ताओं ने कुछ लोगों के ईसाई धर्म अपनाने का भी दावा किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन आरोपों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

