इंदौर। दूषित पानी कांड ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर निगम और राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल 201 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं।
कोर्ट ने पूछा है कि अब तक क्या कदम उठाए गए और प्रभावित लोगों के इलाज की क्या व्यवस्था है। नगर निगम ने बताया कि 20 से अधिक टैंकर भेजे गए हैं।
भोपाल में भी सतर्कता
इंदौर के बाद भोपाल में भी दूषित पानी की शिकायतें सामने आईं। मेयर मालती राय ने सभी पाइपलाइन और चैंबर की जांच के आदेश दिए हैं।
मौतों पर विरोधाभास
जहां परिजन 14 मौतों का दावा कर रहे हैं, वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 8-9 मौतें स्वीकार की हैं। सरकारी आंकड़े और जमीनी हकीकत में अंतर बना हुआ है।
अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा। मामले की अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी।
इंदौर जहरीला पानी मामलाः हाईकोर्ट की फटकार, 201 मरीज भर्ती, मौतों के आंकड़े पर विवाद
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