अब हाईटेक हुई भोपाल पुलिसः क्यूआर कोड स्कैन करते ही दर्ज होगी शिकायत

थाने जाने की जरूरत खत्म, मोबाइल बनेगा शिकायत का नया माध्यम
भोपाल। राजधानी का पुलिस प्रशासन अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर आम जनता तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। शहर में अब शिकायतकर्ताओं को थाना या पुलिस कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि अपने मोबाइल से मात्र क्यूआर कोड स्कैन करते ही शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक पहुंच जाएगी।
शहरभर में लगाए हाईटेक क्यूआर कोड
भोपाल पुलिस ने तकनीकी विस्तार को प्राथमिकता देते हुए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, सरकारी एवं निजी संस्थानों, बस स्टैंड, बाजारों और थानों पर विशेष क्यूआर कोड लगाए हैं। इन कोड्स के जरिए शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर, डीसीपी और संबंधित थाना प्रभारी तक पहुंचती है, जिससे कार्रवाई में देरी की गुंजाइश समाप्त हो जाएगी।
शिकायत प्रक्रिया होगी पारदर्शी
पुलिस विभाग का मानना है कि इस तकनीक से शिकायत प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और इस बात की जिम्मेदारी तय करना आसान होगा कि नागरिक की शिकायत पर किस स्तर पर कार्रवाई में देरी हुई या लापरवाही हुई। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इस व्यवस्था से लोगों में पुलिस पर भरोसा मजबूत होगा और अनावश्यक दौड़भाग से छुटकारा मिलेगा।
इन मामलों की तुरंत शिकायत संभव
नागरिक इस क्यूआर कोड के माध्यम से मारपीट, धमकी, चोरी, छेड़छाड़, गुमशुदगी, अवैध गतिविधि, ट्रैफिक समस्याएं और किसी भी तरह की आपात शिकायत तक सीधे अपलोड कर सकते हैं। इसके लिए इस्तेमालकर्ता को सिर्फ घटना से संबंधित विवरण एवं फोटो या वीडियो संलग्न करना होगा।
स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
भोपाल पुलिस का यह प्रयास स्मार्ट सिटी और स्मार्ट पुलिसिंग की पहल को गति देने वाला है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब नागरिकों को पुलिस की कार्यप्रणाली पर अधिक विश्वास होगा तथा हर शिकायत पर तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
आम जनता को मिलेगा वास्तविक लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी सुविधा उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी होगी जो किसी कारणवश थाने जाने में सक्षम नहीं होते या देर रात किसी घटना के गवाह बनते हैं। इस पहल को समाज में सकारात्मक बदलाव और सुरक्षित माहौल की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।