“मेरा संन्यासी” पुस्तक लिखने के लिए बागेश्वर महाराज ने लिया एकांतवास

छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी तीसरी पुस्तक “मेरा संन्यासी” लिखने के लिए 7 दिवसीय एकांतवास यात्रा पर रवाना हो गए हैं। वे अपनी लेखन यात्रा के लिए प्रस्थान भी कर चुके हैं।

पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने धाम पर आयोजित दिव्य दरबार में भक्तों को जानकारी देते हुए बताया कि- यह उनकी जीवन की तीसरी पुस्तक होगी, जिसके लिए वे 5-6 दिनों के लिए एकांतवास में रहेंगे। इससे पहले, पिछले दो वर्षों में वे दो पुस्तकें – ‘सनातन धर्म क्या है’ और ‘मल्टी-टैलेंटेड हनुमान’ भी एकांतवास में जाकर लिख चुके हैं।

पुस्तक (मेरा संन्यासी) के बारे में

यह नई पुस्तक उनके दादा गुरु के गुरु, ब्रह्मलीन तपोनिष्ठ पूज्य संन्यासी बाबा के जीवन को समर्पित होगी। महाराज श्री ने बताया कि इस पुस्तक में वह संन्यासी बाबा के जीवन परिचय, उनकी कठिन साधना-तपस्या, दिव्य चमत्कारों, कैसे उन्होंने एक पैर पर खड़े होकर सवा करोड़ हनुमान चालीसा का पाठ किया और उन्हें कैसे हनुमान जी के दर्शन हुए, आदि का विस्तार से वर्णन करेंगे। यह तृतीय पुस्तक संभवतः कन्या विवाह या महाराज श्री के जन्मोत्सव के दौरान भक्तों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।