गेटर नोएडा। कैंसर का नाम सुनते ही जहां आज भी लोगों की धड़कनें तेज हो जाती हैं, वहीं ग्रेटर नोएडा से एक राहत भरी खबर सामने आई है। दिव्य ज्योति अस्पताल ने बिना चीर-फाड़ होने वाली ब्लडलेस सर्जरी तकनीक अपनाकर कैंसर उपचार को आसान, सुरक्षित और कम दर्दनाक बना दिया है। यह पहल क्षेत्र के मरीजों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है।
चिकित्सा क्षेत्र में नई क्रांति, ब्लडलेस सर्जरी की शुरुआत
ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र के लिए चिकित्सा जगत में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। टप्पल रोड स्थित दिव्य ज्योति अस्पताल ने अत्याधुनिक ’’ब्लडलेस कैंसर सर्जरी तकनीक’’ को अपनाकर गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को राहत की नई राह दिखाई है।
यह तकनीक आधुनिक ’’लेप्रोस्कोपिक विधि’’ और ’’सॉनिकिजन स्केलपेल’’ (अल्ट्रासोनिक सर्जिकल उपकरण) पर आधारित है, जिससे बिना बड़े चीरे लगाए सटीक ऑपरेशन संभव हो पाता है। इससे न केवल खून बहने की संभावना बेहद कम हो जाती है, बल्कि संक्रमण और जटिलताओं का खतरा भी घटता है।
कम दर्द, तेज रिकवरी और बेहतर परिणाम
इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मरीज को कम दर्द सहना पड़ता है और अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी काफी कम हो जाती है। पारंपरिक सर्जरी की तुलना में मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकता है।
दिव्य ज्योति अस्पताल में अब ’’बच्चेदानी (यूटेरस) कैंसर, किडनी कैंसर सहित कई प्रकार के कैंसर’’ का सफलतापूर्वक इलाज लेप्रोस्कोपिक विधि से किया जा रहा है। अनुभवी डॉक्टरों और आधुनिक मशीनों की मदद से यहां इलाज को सुरक्षित, किफायती और प्रभावी बनाया गया है।
ग्रामीण व शहरी मरीजों के लिए वरदान
इस सुविधा के शुरू होने से आसपास के ग्रामीण और अर्धविकसित शहरी क्षेत्रों के लोगों को महानगरों की ओर भटकने की मजबूरी से राहत मिलेगी। वहीं दिल्ली- एनसीआर के मरीजों के लिए भी यह अस्पताल एक भरोसेमंद और आधुनिक विकल्प बनकर उभरा है। कुल मिलाकर, दिव्य ज्योति अस्पताल की यह पहल न केवल तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, बल्कि हजारों मरीजों के जीवन में आशा, विश्वास और नई रोशनी जगाने वाली साबित हो रही है।


