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पूर्व विधायक किशोर समरीते ने मध्य प्रदेश में शराब बिक्री घोटाले का आरोप लगाते हुए आबकारी आयुक्त को निलंबित करने और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के इस्तीफे की मांग की

बालाघाट; संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशोर समरीते ने मध्य प्रदेश में एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक दर पर शराब बेचे जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने राज्य में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ तीखा बयान जारी करते हुए आबकारी आयुक्त को तत्काल निलंबित करने तथा आबकारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से इस्तीफा देने की मांग की है।
आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों पर लगाया आरोप;
समरीते ने दावा किया है कि प्रदेश की लगभग 4500 लाइसेंस प्राप्त शराब दुकानों में देशी-विदेशी शराब एमआरपी से ज्यादा कीमत पर बेची जा रही है। दुकानों में रेट लिस्ट नहीं लगी है, स्टॉक रजिस्टर नहीं रखा जा रहा है, और एक ही ट्रांसपोर्ट परमिट (टी.पी.) पर कई बार शराब का परिवहन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में केवल 4500 लाइसेंस प्राप्त ठेकों के अलावा करीब 54,000 स्थानों पर अवैध रूप से शराब की बिक्री हो रही है, जिससे ठेकेदार करोड़ों रुपये कमा रहे हैं।उन्होंने आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों — आबकारी आयुक्त, अपर आबकारी आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त तथा 54 जिलों के आबकारी अधिकारियों — पर ठेकेदारों से भारी रिश्वत लेने का आरोप लगाया। समरीते का कहना है कि आबकारी आयुक्त ने कभी किसी शराब दुकान, डिस्टिलरी या वेयरहाउस का निरीक्षण नहीं किया। डी-नाइन रजिस्टर, बैंक गारंटी या उड़नदस्तों की जांच भी नहीं हुई।
समरीते ने विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे आबकारी मंत्री के रूप में दुकानों, वेयरहाउसों, डिस्टिलरियों या जिला कार्यालयों का कभी निरीक्षण नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि देवड़ा के ओएसडी दीपक रायचुरा (सहायक आबकारी आयुक्त) इन मामलों को संभालते हैं, जिनके खिलाफ लोकायुक्त में दर्जनों शिकायतें दर्ज हैं। समरीते ने दावा किया कि जगदीश देवड़ा एक साधारण परिवार से आने के बावजूद आज 10 हजार करोड़ रुपये के मालिक बन चुके हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जिले के आबकारी अधिकारी खुले तौर पर कहते हैं कि उन्होंने मंत्री को 5 करोड़ रुपये देकर पद प्राप्त किया है और अब ठेकेदारों से वसूली करेंगे। समरीते ने इसे उपमुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
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