धार। इंदौर संभाग स्थित ऐतिहासिक शहर धार में इस बार वसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ने के चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। भोजशाला मंदिर – कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर किसी भी संभावित तनाव को रोकने के लिए जिले में अब तक का सबसे कड़ा सुरक्षा इंतजाम किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को सख्ती से कुचला जाएगा।
सुरक्षा में पहली बार AI, LiDAR और 3D मैपिंग का इस्तेमाल
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार केवल पुलिस बल ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक तकनीक भी मैदान में उतारी गई है। पूरे शहर की 3D मैपिंग पूरी कर ली गई है, जिससे पुलिस कंट्रोल रूम से छतों, गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर रियल-टाइम निगरानी की जा सके। धार शहर और भोजशाला क्षेत्र में 20 से अधिक AI-सक्षम ड्रोन तैनात किए गए हैं। ये ड्रोन हर घंटे भीड़ की स्थिति का विश्लेषण करेंगे। यदि किसी इलाके में अचानक भीड़ बढ़ती है या संदिग्ध गतिविधि होती है, तो सिस्टम तुरंत हीट-मैप अलर्ट जारी करेगा, जिससे मौके पर मौजूद फोर्स तत्काल कार्रवाई कर सके।
8,000 से ज्यादा पुलिस बल, RAF और महिला पुलिस की तैनाती
शहर में कुल 6,461 पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। इसमें 13 एसपी रैंक अधिकारी, 25 एएसपी, 67 डीएसपी/सीएसपी, 107 इंस्पेक्टर, 393 एसआई/एएसआई, 4,375 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल हैं। इसके अलावा 933 महिला पुलिसकर्मी और 8 RAF प्लाटून भी मोर्चे पर हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 1,500 से 2,000 अतिरिक्त जवान रिजर्व में रखे गए हैं। सभी सुरक्षाकर्मियों को AI सॉफ्टवेयर और 3D मैपिंग सिस्टम का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

भड़काऊ सामग्री पर सख्त कार्रवाई
धार कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी है कि अखबार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप या फेसबुक पर यदि कोई भी धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री सामने आती है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और IT एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन भोजशाला परिसर के 300 मीटर क्षेत्र को नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया है। ड्रोन, UAV, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून जैसी किसी भी हवाई गतिविधि पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
इसके साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।
निर्माण सामग्री और लावारिस सामान पर भी रोक
सड़कों पर निर्माण सामग्री, मलबा, टायर या लावारिस ठेले रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी तरह की बाधा या उपद्रव की आशंका न रहे। संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग और फ्लैग मार्च जारी हैं। अब तक जिले में 4,526 लोगों से 40 करोड़ रुपये से अधिक के बॉन्ड भरवाए जा चुके हैं। एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि- शांति केवल सख्ती से नहीं, बल्कि संवाद से भी कायम रहती है। इसी कड़ी में 31 मोहल्ला समिति बैठकें और मुस्लिम समुदाय के साथ 21 बैठकें आयोजित की गई हैं।
प्रशासन का साफ संदेश: शांति से कोई समझौता नहीं
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धार में शांति और सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अत्याधुनिक तकनीक, भारी सुरक्षा बल और सतत निगरानी के जरिए इस बार धार को पूरी तरह सुरक्षित रखने की तैयारी की गई है।


