शिवपुरी। जिले के व्यस्त बाजार में शुक्रवार दोपहर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी को झकझोर दिया। महीनों से रोजी-रोटी के सहारे बने ई-रिक्शा की खराबी से परेशान गुड़िया मौर्य आखिरकार टूट गई। शोरूम के लगातार चक्कर लगाने के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उसने उसी गाड़ी को बीच सड़क पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। धधकते रिक्शे के उठते धुएँ में मानो उसका टूटा भरोसा, टूटी उम्मीदें और लूटे गए सपने भी जलकर राख हो गए।
गुड़िया और उसके पति ने छह महीने पहले 2.5 लाख रुपये का लोन लेकर ई-रिक्शा खरीदा था ताकि तीन बच्चों वाले परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर सके। लेकिन दो महीने बाद ही गाड़ी बंद पड़ गई। गुड़िया का आरोप है कि चार महीने तक शोरूम वालों ने उसे बार-बार टाल दिया और अंत में कह दिया कि ‘गाड़ी ठीक नहीं हो सकती’। बढ़ता लोन, दोबारा दिहाड़ी मजदूरी और शोरूम के रवैए ने गुड़िया को मानसिक रूप से तोड़ दिया।
हालांकि शोरूम इन आरोपों को गलत बता रहा है। उनका कहना है कि सिर्फ बैटरी फटी थी और कंपनी की पॉलिसी में बैटरी बदलने का नियम नहीं है। पुलिस ने आग बुझाई और दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं। गुड़िया की मांग है, या तो उसे नई गाड़ी दी जाए या अब तक चुकाए गए पैसे लौटाए जाएं।
जब टूटी महिला के भरोसे की आस, तब ई-रिक्शे पर पेट्रोल डाल लगाई आग


