भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यकारिणी की घोषणा उस समय विवादों में घिर गई जब वरिष्ठ नेताओं ने सूची पर खुलकर आपत्ति जता दी। दोपहर में जारी की गई कार्यकारिणी की सूची कुछ ही घंटों में रोक दी गई, जिससे संगठन के भीतर चल रही खींचतान एक बार फिर सतह पर आ गई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई ऐसे नाम सूची में शामिल थे जिनकी पृष्ठभूमि पर स्वयं भाजपा नेता सवाल उठा रहे थे। इनमें कुछ ऐसे नेता भी बताए गए जिन्होंने पूर्व में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। साथ ही मेलों से जुड़े पदाधिकारियों और नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) के चार सदस्यों को जिला पदाधिकारी बनाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई।
वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि संगठन की रीति-नीति और अनुशासन सर्वोपरि है, ऐसे में विवादित छवि वाले लोगों को जिम्मेदारी सौंपना पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को प्रभावित कर सकता है। कुछ नामों पर तो पार्टी कार्यालय में अनुशासनहीनता के आरोप भी पूर्व में लग चुके हैं, जिस कारण उनके चयन को लेकर विरोध और तीखा हो गया। इसी वजह से सूची को तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया गया।
घटनाक्रम के बाद अब संगठन के अंदर मंथन शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के बाद संशोधित सूची तैयार की जा सकती है। हालांकि, आधिकारिक रूप से पार्टी की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह पूरा विवाद बताता है कि जिला स्तर पर संगठन के भीतर समीकरण अभी भी असंतुलित हैं। आने वाले दिनों में संशोधित सूची का जारी होना या विरोध के सुरों का और मुखर होना, दोनों ही संभावनाएँ बनी हुई हैं।
भाजपा जिला कार्यकारिणी सूची पर विवाद, वरिष्ठ नेताओं के विरोध ने रोकी घोषणा


