भारत में Nipah Virus अलर्ट 2026: कितने केस, क्या है ग्राउंड सिचुएशन और कैसे हो रहा है इलाज?

शेयर करे

भारत में एक बार फिर Nipah Virus को लेकर स्वास्थ्य तंत्र अलर्ट मोड में है। पश्चिम बंगाल में संक्रमण और एक नर्स की मौत की खबर के बाद राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि आधिकारिक एजेंसियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और वायरस का व्यापक प्रसार नहीं हुआ है।

 पश्चिम बंगाल में क्या हुआ?

सूत्रों के अनुसार जनवरी–फरवरी 2026 के दौरान पश्चिम बंगाल में Nipah संक्रमण के मामलों की पुष्टि हुई। दो मामलों की लैब पुष्टि 13 जनवरी 2026 को National Institute of Virology, पुणे में RT-PCR टेस्ट के माध्यम से की गई। इसके बाद 196 लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की गई। सभी की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई। हेल्थ वर्कर्स को आइसोलेशन और निगरानी में रखा गया। स्थिति की मॉनिटरिंग National Centre for Disease Control (NCDC) और राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की गई।

 नर्स की मौत: क्या था असली कारण?

जानकारी अनुसार 25 वर्षीय एक नर्स, जो पहले Nipah पॉजिटिव पाई गई थी, बाद में उसकी रिपोर्ट निगेटिव हो चुकी थी। वह एक महीने से अधिक समय तक क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में भर्ती रही। इलाज के दौरान उसे फेफड़ों में सेकेंडरी इंफेक्शन हो गया, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी रही। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव Narayan Swaroop Nigam ने स्पष्ट किया कि नर्स की मौत Nipah संक्रमण से नहीं, बल्कि कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) से हुई।

पड़ोसी देशों में क्या हाल है?

World Health Organization (WHO) ने हाल में एक मामले और उससे जुड़ी एक मौत की पुष्टि की है। बांग्लादेश में सर्दियों के मौसम में Nipah के sporadic केस अक्सर सामने आते रहते हैं, खासकर कच्चे खजूर के रस के सेवन से जुड़े मामलों में। 1998-99 में इन देशों में बड़ा प्रकोप देखा गया था, लेकिन फिलहाल किसी नए बड़े आउटब्रेक की आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है।

2026में एक्टिव केस कितने हैं?

रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल में कुल 5 मामले सामने आए। जिसमें 2 मामलों की लैब पुष्टि हो चुकी है और कई संक्रमित मरीज रिकवर हो चुके हैं। वहीं कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में कोई नया पॉजिटिव नहीं मिला मौजूदा समय में एक्टिव केस की स्पष्ट सरकारी संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार वायरस का फैलाव सीमित है और कम्युनिटी ट्रांसमिशन के संकेत नहीं हैं।

Nipah Virus क्या है

Nipah एक ज़ूनोटिक वायरस है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। जिसमें फल खाने वाले चमगादड़, संक्रमित जानवर, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क और दूषित फल या कच्चा खजूर का रस हो सकता है। जिसके लक्षण तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ, दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस) और गंभीर मामलों में कोमा हो सकता है। इसकी मृत्यु दर 50% से 60% तक मानी जाती है, जो इसे बेहद गंभीर संक्रमण बनाती है।

इलाज कैसे हो रहा है

अब तक Nipah के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। वर्तमान उपचार मॉडल में ICU/CCU में क्लोज मॉनिटरिंग, वेंटिलेटर सपोर्ट, बुखार और लक्षण आधारित दवाएं, सेकेंडरी इंफेक्शन का इलाज, इलेक्ट्रोलाइट और फ्लूइड मैनेजमेंट है। वैज्ञानिक स्तर पर वैक्सीन और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी थेरेपी पर रिसर्च जारी है, लेकिन अभी ये आम उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

सरकार की एडवाइजरी

स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि- खुले में रखे या गिरे हुए फल न खाएं, कच्चा खजूर का रस न पिएं, बीमार व्यक्ति से दूरी रखें, किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, अफवाहों से बचें और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *