बालाघाट। नगर के ह्रदयतल में स्थित शासकीय देवी तालाब का एनजीटी भोपाल के आदेशों पर चल रहे कायाकल्प के कार्य पर अब बालाघाट पुलिस का अडंगा आ गया है। एक शिकायत के आधार पर बालाघाट कोतवाली के प्रभारी के द्वारा बिना किसी पर्याप्त जांच के देवी तालाब में जिला प्रशासन एवं नगरपालिका परिषद् बालाघाट की अनुमति से काम कर रहे ठेकेदार की जेसीबी मशीन और डंप ट्रक को जप्त कर देवी तालाब के कायाकल्प के कार्य को बंद कर दिया है।
एनजीटी के आदेश पर चल रहा था कार्य
एनजीटी भोपाल एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी बालाघाट के निर्देश तथा नगरपालिका परिषद् बालाघाट के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी, लोकनिर्माण सेतु विभाग, बालाघाट के द्वारा देवी तालाब के जलीय क्षेत्र से मलमा भरन को निकालने का कार्य दिनांक 18.02.2026 को रात्रि लगभग 10 बजे ठेकेदार के माध्यम से प्रारंभ करवाया गया था। किन्तु कुछ लोगो के द्वारा स्वयं को देवी तालाब का मालिक बताते हुए उक्त कार्य को रोका गया और कोतवाली बालाघाट को इसकी सूचना दी गई। जिस पर कोतवाली थाना बालाघाट के थाना प्रभारी के मार्गदर्शन में उक्त कार्य को बंद कराया गया और ठेकेदार की जेसीबी और ट्रकों को जप्त कर थाना कोतवाली में खड़ा किया गया है।
मशीन और ट्रक को किया गया जप्त
कोतवाली बालाघाट प्रभारी के द्वारा देवी तालाब में एनजीटी भोपाल और जिला प्रशासन बालाघाट के आदेश पर कार्य रहे भटेरा ब्रिज के ठेकेदार की एक जेसीबी मशीन क्रमांक CG04MV6522 एवं डंप ट्रक क्रमांक MP50H1228 तथा एक अन्य डंप ट्रक क्रमांक MH32AJ1236 को जप्त कर कोतवाली थाना बालाघाट में खड़ा किया है l

एनजीटी के आदेश की अवमानना
बता दें कि नगरपालिका परिषद् बालाघाट के द्वारा एनजीटी भोपाल में याचिकाकर्ता द्वारका नाथ चौधरी एवं प्रदीप परांजपे के द्वारा प्रस्तुत याचिका क्रमांक OA/130/2025(CZ) द्वारका नाथ चौधरी व अन्य बनाम मध्यप्रदेश राज्य व अन्य” में माननीय न्यायाधिकरण के द्वारा शासकीय देवी तालाब के संरक्षण के लिए दिनांक 23.09.2025 एवं दिनांक 10.11.2025 को शासकीय देवी तालाब से नियमानुसार अतिक्रमण हटाने तथा दूषित पानी तालाब के भीतर जाने से रोकने के लिए आदेश के परिपालन में कराया जा रहा था l किन्तु कोतवाली बालाघाट के द्वारा उक्त कार्य को बंद कराकर और मशीन तथा डंप ट्रक को जप्त कर कार्य को प्रभावित किया है और एनजीटी भोपाल के आदेश की अवमानना भी की है
जानकारी के मुताबिक देवी तालाब की भूमि को स्वयं का मालिकाना हक बताने वाले ऋषभ डेवलपर्स के भागीदार महेंद्र सुराना और डॉ. आर. के जैन के द्वारा दी गई शिकायत पर कोतवाली थाना बालाघाट के प्रभारी द्वारा यह कार्यवाही की गई। जबकि एनजीटी भोपाल एवं उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन याचिकाओं में भी इन लोगो के द्वारा स्वयं को देवी तालाब का मालिक बताते हुए अपना पक्ष रखा है। वहीं एनजीटी भोपाल द्वारा इनका पक्ष जानने के बाद भी देवी तालाब पर कार्यवाही करने से रोक नहीं लगाईं है। फिर कोतवाली बालाघाट के द्वारा ऐसी कार्यवाही किया जाना सीधे सीधी एनजीटी भोपाल और जिला प्रशासन के आदेशों को चुनौती देते हुए न्यायालय की अवमानना है।


