वाशिंगटन।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत–अमेरिका ट्रेड संबंधों पर एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि- भारत के साथ चल रही ट्रेड डील पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि भारत अब अमेरिका को टैरिफ दे रहा है और हम भारत पर टैरिफ नहीं लगा रहे। हमने पूरा खेल उलट दिया है। साथ ही ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि- मोदी “महान व्यक्ति” हैं और वे उन अमेरिकी नेताओं से कहीं ज्यादा समझदार हैं।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया था ट्रंप का टैरिफ आदेश
शुक्रवार को Supreme Court of the United States ने एक ऐतिहासिक फैसले में राष्ट्रपति ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ आदेश को 6-3 के बहुमत से अवैध बताते हुए रद्द कर दिया। मामले पर कोर्ट ने कहा कि-संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार केवल संसद (कांग्रेस) के पास है। राष्ट्रपति व्यक्तिगत रूप से ऐसा आदेश नहीं दे सकते है। इस फैसले के बाद कई देशों, खासकर भारत, को तात्कालिक राहत मिल गई थी क्योंकि भारत पर लगने वाला 18% टैरिफ खत्म हो गया था।
सेक्शन 122 के तहत लगाया टैरिफ
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के सिर्फ 3 घंटे बाद ही ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नया ऐलान कर दिया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि- सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए टैरिफ का उनसे कोई लेना-देना नहीं है। क्योंकि नया टैरिफ सेक्शन 122 के तहत लगाया जा रहा है। यह राष्ट्रपति के “आपातकालीन व्यापार अधिकारों” पर आधारित है। इसलिए इसे लागू करने के लिए कांग्रेस की जरूरत नहीं है। सेक्शन 122 के तहत 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने पर हस्ताक्षर करूंगा, यह तुरंत लागू होगा। हालांकि ट्रंप ने साफ कहा कि- भारत–अमेरिका ट्रेड डील इस नए टैरिफ से प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट ने “रिफंड” को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया है, इसलिए अमेरिकी सरकार पहले से वसूले गए पैसे किसी भी कंपनी को वापस नहीं करेगी।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पर बरसे ट्रंप
वहीं ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट पर नाराजगी जताते हुए कहा कि- जजों में हिम्मत नहीं… वे देश के लिए कलंक हैं। यह बहुत निराशाजनक फैसला है, मुझे कुछ जजों पर शर्म आती है। वे कट्टर वामपंथियों के पालतू बन गए हैं। उनमें देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। वे उन ताकतों से डरते हैं जो अमेरिका को कमजोर करना चाहती हैं। हालांकि ट्रंप ने उन तीन कंजरवेटिव जजों की तारीफ की जिन्होंने इस फैसले का विरोध किया था।


