नई दिल्ली: इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता दिखाई है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, मौजूदा तनाव और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। भारत ने इस दौरान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, वार्ता के दौरान ऊर्जा सहयोग और बदलते भू-राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हुई। भारत और ईरान के बीच लंबे समय से ऊर्जा और व्यापारिक संबंध रहे हैं, इसलिए मौजूदा संकट का असर इन संबंधों पर भी पड़ सकता है। दोनों पक्षों ने कूटनीतिक संवाद को जारी रखने और क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों पर सहमति जताई।
इस बीच संघर्ष के चलते Iran में भारी जनहानि की खबरें सामने आई हैं। ईरान की सरकारी एजेंसी के अनुसार अब तक 1,230 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सैन्यकर्मियों के साथ आम नागरिक भी शामिल हैं। यह आंकड़ा उन लोगों का बताया गया है जिनके शवों की पहचान कर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। लगातार हो रहे हमलों के कारण इलाके में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
दूसरी ओर, भारत ने ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के निधन पर भी शोक व्यक्त किया है। नई दिल्ली में ईरान दूतावास जाकर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए और संवेदना प्रकट की। बताया जाता है कि अमेरिका और इजराइल के हमले में 28 फरवरी को खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसकी आधिकारिक पुष्टि ईरान ने एक दिन बाद की। इसके अलावा विदेश मंत्री जयशंकर ने ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद बिन हामूद अलबुसैदी से भी बातचीत कर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की।


