वॉशिंगटन। अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की नई टैरिफ नीति को लेकर बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। देश के 24 राज्यों ने मिलकर ट्रंप द्वारा लागू किए गए 10% नए आयात शुल्क (टैरिफ) के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया है। राज्यों का आरोप है कि यह फैसला अमेरिकी कानून और संविधान के दायरे से बाहर है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शुरू हुआ विवाद
बता दें पिछले महीने Supreme Court of the United States ने ट्रंप की पहले लागू की गई ग्लोबल टैरिफ नीति को अवैध घोषित कर दिया था। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने सभी देशों से आने वाले सामानों पर 10 प्रतिशत का नया टैरिफ लागू कर दिया, जिससे यह विवाद और बढ़ गया।
24 राज्यों ने अदालत में दी चुनौती
सूत्रों के मुताबिक न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया, ओरेगन समेत 24 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने United States Court of International Trade में याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि ट्रंप ने ऐसे आर्थिक कदम उठाए हैं जिनकी अनुमति उन्हें कानून के तहत नहीं है। साथ ही राज्यों का दावा है कि यह टैरिफ अवैध और असंवैधानिक है, इसलिए अदालत को इसे तुरंत रद्द करना चाहिए और जिन कंपनियों व लोगों से पैसा वसूला गया है उन्हें रिफंड देने का आदेश देना चाहिए।
150 दिन के लिए लागू हुआ नया टैरिफ
जानकारी के अनुसार, ट्रंप का यह नया टैरिफ फिलहाल 150 दिनों के लिए लागू किया गया है। यदि अमेरिकी संसद इसकी मंजूरी देती है तो इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि भविष्य में इसे 15 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।
साथ ही राज्यों का कहना है कि Trade Act of 1974 की धारा 122 राष्ट्रपति को इतने व्यापक और बार-बार बदलने वाले टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं देती। यह कानून केवल विशेष आर्थिक परिस्थितियों में सीमित अवधि के लिए शुल्क लगाने की अनुमति देता है, जैसे जब किसी देश को बैलेंस ऑफ पेमेंट संकट का सामना करना पड़े।
कुछ देशों को दी गई छूट
मुकदमे में यह भी कहा गया है कि नई टैरिफ नीति भेदभावपूर्ण है। इन देशों के कई सामानों को टैरिफ सूची से बाहर रखा गया है। इसमें कई देशों से आने वाले उत्पादों को छूट दी गई है, जिनमें-
- कनाडा
- मेक्सिको
- कोस्टा रिका
- डोमिनिकन रिपब्लिक
- एल सल्वाडोर
- ग्वाटेमाला
- होंडुरास
- निकारागुआ
उपभोक्ताओं और कारोबार पर असर
न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल Letitia James ने कहा कि- ट्रंप की यह नीति कानून की अनदेखी है और इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
साथ ही कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल Rob Bonta ने भी कहा कि- राज्य पहले भी इन टैरिफ को चुनौती देता रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर लोगों की जेब और महंगाई पर पड़ता है।
अरबों डॉलर की कमाई
रिपोर्ट के अनुसार, जिन टैरिफ को अब अवैध बताया जा रहा है, उनसे 2025 के अंत तक अमेरिकी सरकार को 130 अरब डॉलर से ज्यादा की आय हो चुकी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब आयात करने वाली कंपनियों के लिए रिफंड मांगने का रास्ता खुल सकता है।


