दिल्ली। पालम इलाके में बुधवार सुबह की घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। रामफल चौक के पास बनी एक पांच मंजिला इमारत कुछ ही देर में ‘आग का टॉवर’ बन गई। जहां से निकलना हर किसी के बस की बात नहीं थी। इस भीषण हादसे में अब तक 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जबकि कई लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों में घिर गई। हालात इतने बेकाबू हो गए कि दमकल की करीब 30 गाड़ियां मौके पर तैनात करनी पड़ीं। रेस्क्यू टीम ने जान जोखिम में डालकर 10 लोगों को बाहर निकाला, लेकिन उनमें से 6 की जान नहीं बचाई जा सकी। बाकी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि इस इमारत में एक बड़ा परिवार रहता था, जिसमें करीब 22 सदस्य थे। संयोग से 10-12 लोग शहर से बाहर गए हुए थे, वरना आंकड़ा और भयावह हो सकता था। जो लोग घर पर मौजूद थे, वही इस हादसे की चपेट में आ गए। आग के दौरान घबराहट में दो लोगों ने बिल्डिंग से कूदकर जान बचाने की कोशिश की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
बता दें इमारत का स्ट्रक्चर भी इस त्रासदी में बड़ा फैक्टर बनकर सामने आया। बेसमेंट से लेकर पहली मंजिल तक दुकानों खासतौर पर कपड़े और कॉस्मेटिक्स का स्टॉक भरा था, जिसने आग को और भड़काने का काम किया। ऊपर की मंजिलों पर लोग रह रहे थे, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन और मुश्किल हो गया।
फिलहाल आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन इमारत से उठता काला धुआं अब भी खतरे का संकेत दे रहा है। फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार कूलिंग ऑपरेशन में जुटी हैं। आग लगने की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या ज्वलनशील सामान से जुड़ी लापरवाही की ओर इशारा कर रही है।


