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हॉर्मुज की लड़ाई ने दशकों पुराने नॉटों में डाली फूट, ट्रंप की नाटों सदस्य देशों से सहयोग की अपील हुई बेअसर

वाशिंगटन। ईरान-इजराईल और अमेरिका युद्ध अब अपने भीषण दौर में पहुंच गया है। जहां अमेरिका ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरू क्षेत्र को बंद करने के विरोध में भारी तबाही पर उतारू हो गया है। वहीं ईरान भी अमेरिकी बंमबारी का जमकर मुकाबला करते हुए मिडिल ईस्ट के अधिकांश देशों में मिसाइल दाग रहा है। इस युद्ध का दूसरा पहलू नॉटो संगठन में दरार के रूप में सामने आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप का नॉटो सदस्य देशों से हॉर्मुज क्षेत्र में अमेरिका का सहयोग करने की अपील की थी। लेकिन टं्रप की इस अपील का नॉटो ने बहिष्कार करते हुए सहयोग देने से मना कर दिया। इससे स्पष्ट हो गया कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद अस्तित्व में आए नॉटो संगठन में दरार पड़ती दिख रही है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। इजराइल-ईरान टकराव के बीच अमेरिका सीधे मैदान में उतर आया है, जिससे हालात अमेरिका बनाम ईरान की जंग में तब्दील होते नजर आ रहे हैं। दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से खोलने के लिए अमेरिका ने निर्णायक सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों से अपेक्षित समर्थन न मिलने के बाद अकेले दम पर ईरान को जवाब देने का ऐलान किया। इसके तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के तटीय इलाकों में मौजूद मिसाइल ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमले किए।
अमेरिका ने इन ठिकानों को निशाना बनाने के लिए 5000 पाउंड वजनी ‘बंकर बस्टर’ बमों का इस्तेमाल किया। इन हमलों में उन ठिकानों को तबाह किया गया, जहां से ईरान की एंटी-शिप मिसाइलें गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बन रही थीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस कार्रवाई का उद्देश्य समुद्री रास्ते को सुरक्षित करना और वैश्विक तेल आपूर्ति को बहाल करना है। गौरतलब है कि ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को बंद किए जाने के बाद वैश्विक बाजार में हलचल मच गई थी। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी मार्ग से होता है, ऐसे में इसके बंद होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल और समुद्री व्यापार में असुरक्षा का माहौल बन गया था।
सहयोगियों ने छोड़ा साथ
इस सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिका को अपने पारंपरिक सहयोगियों का साथ नहीं मिल सका। नॉटो सहित कई देशों ने इस संघर्ष से दूरी बना ली है। इस पर राष्ट्रपति ट्रंप ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्षों तक अमेरिका ने सहयोगियों का साथ दिया, लेकिन अब जरूरत पड़ने पर कोई समर्थन के लिए आगे नहीं आया।
क्या हैं ‘बंकर बस्टर’ बम?
‘बंकर बस्टर’ ऐसे अत्याधुनिक बम होते हैं, जो जमीन के भीतर बने मजबूत और सुरक्षित सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए बनाए जाते हैं। अमेरिकी वायुसेना द्वारा विकसित यह बम जमीन की कई मीटर गहराई तक घुसकर विस्फोट करते हैं, जिससे दुश्मन के छिपे ठिकाने भी पूरी तरह तबाह हो जाते हैं। यह हथियार विशेष रूप से उच्च सुरक्षा वाले सैन्य ढांचों को खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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