सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ भारतीय मजदूर संघ ने उठाई आवाज

आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन

बालाघाट। भारतीय मजदूर संघ द्वारा 21 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत ठेका/आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण किए जाने सहित 18 सूत्रीय मांगों को लेकर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन द्वारा ठेका श्रमिकों के रूप में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती कर रही है। उनकी मेहनत व काम के अनुसार काफी कम वेतन दिया जा रहा है। आउटसोर्स कर्मचारी नियमित कर्मचारी से अधिक काम कर रहा है लेकिन काफी कम मानदेय देकर उनका शोषण किया जा रहा है।

सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ आज भारतीय मजदूर संघ पूरे देश में आंदोलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि समान कार्य समान वेतन दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ठेका श्रमिकों के लिए ट्रांसफर नीति लागू नहीं होती, लेकिन ठेका कर्मचारियों का ट्रांसफर किया जा रहा है जो न्याय संगत नहीं है। उन्होंने कहा कि शीघ्र मांगें पूरी नहीं होती तो पूरे भारत में बहुत बड़ा आंदोलन होगा जिसे सरकार संभाल नहीं पाएंगी। इस दौरान प्रमुख रूप से भारतीय मजदूर संघ विभाग प्रमुख राजकुमार मोहारे, जिलाध्यक्ष योगेश यादव, जिला मंत्री मनोज सोहागपुरे, पवन मरकाम सहित अन्य पदाधिकारी व आउटसोर्स कर्मचारी काफी संख्या में मौजूद रहे।

भारतीय मजदूर संघ की प्रमुख मांगें

भारतीय मजदूर संघ ने शासन से 18 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें की गई-

  • प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए शासन स्तर पर ठोस नीति बनाकर सामाजिक सुरक्षा व उचित वेतन सुनिश्चित किया जाए।
  • आउटसोर्स/ठेका कर्मचारियों से संबंधित श्रम कानूनों का समुचित पालन सुनिश्चित किया जाए और इसका पालन नहीं करने पर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही किया जाए।
  • 8 घंटे से अधिक कार्य करने पर अतिरिक्त समय का नियमानुसार भुगतान किया जाए।
  • आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे विभाग/संस्था से वेतन भुगतान किया जाए व बिचौलिया प्रथा बंद करें।
  • श्रम कानूनों के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों का मासिक वेतन हर माह 7 तारीख को भुगतान किया जाए, साथ ही वेतन पर्ची प्रदान की जावे।
  • अनुभव के आधार पर वेतन में वृद्धि किया जाए एवं अनुभव के आधार संविदा/नियमित भर्ती में नीति बनाकर अवसर प्रदान किया जाए।
  • बिना किसी ठोस कारण व जांच के आऊटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की प्रथा पर तत्काल लगाए।
  • शिकायत व आरोप की उच्च स्तरीय जांच के बिना सेवाएं समाप्त न की जाए।
  • सभी आऊटसोर्स कर्मचारियों को नियमानुसार ई.एस.आई, ई.पी.एफ. व ई.एस.आई.सी का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
  • आऊटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्ति आदेश के विरूद्ध अपील हेतु विभाग स्तर पर कमेटी का गठन करें, आऊटसोर्स कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा 20 लाख रूपए किया जाए।
  • आऊटसोर्स कर्मचारियों को विभाग रिक्त पदों के विरूद्ध समायोजित/सविलियन करने हेतु ठोस नीति बनाई जाने व साप्ताहिक अवकाश दिए जाने सहित अन्य मांगें शामिल है।

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