बड़वानी। जिले में नाबार्ड से जुड़े करीब 14 करोड़ रुपये के लोन घोटाले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। सेंधवा में तायल बंधुओं और जोशी परिवार के ठिकानों पर छापेमारी जारी है। फूड प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट के नाम पर फंड डायवर्जन का आरोप सामने आया है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़वानी जिले के सेंधवा शहर में बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए निमाड़ एग्रो पार्क से जुड़े लोन घोटाले में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह मामला नाबार्ड से लिए गए लगभग 13.99 करोड़ रुपये के ऋण से जुड़ा है, जो फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के नाम पर लिया गया था।
सूत्रों के अनुसार, यह ऋण छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की फूड प्रोसेसिंग फंड योजना के तहत स्वीकृत हुआ था। परियोजना की कुल लागत करीब 31 करोड़ रुपये बताई गई थी, जिसमें 10 करोड़ रुपये का अनुदान भी शामिल था। जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों और समझौतों के जरिए ऋण की किश्तें निकलवाई गईं, लेकिन जमीनी स्तर पर परियोजना पूरी नहीं की गई।
सीबीआई की टीम सेंधवा की जगन्नाथपुरी कॉलोनी में अशोक तायल के आवास और नारा पार क्षेत्र में जोशी परिवार के घर पर दस्तावेजों की जांच कर रही है। तायल परिवार पर लगभग 13 करोड़ और जोशी परिवार पर करीब 11 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सरकारी अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की भी जांच की जा रही है। छापेमारी के दौरान डिजिटल डिवाइस, बैंक दस्तावेज और कई अहम फाइलें जब्त की गई हैं। जांच पूरी होने के बाद पूछताछ और गिरफ्तारियों का सिलसिला तेज हो सकता है। यह कार्रवाई नावार्ड की शिकायत पर दर्ज केस के तहत की जा रही है।
14 करोड़ लोन घोटाले में सीबीआई का नाबार्ड पर छापा, तायल बंधुओं पर कसा शिकंजा


